राजनांदगांव। जिले में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अब तक स्वाइन फ्लू के तीन मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें एक मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर पर उपचार दिया जा रहा है।
संक्रमण को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए 10 बेड का अलग वार्ड तैयार किया गया है। वहीं गंभीर मरीजों के इलाज के लिए आईसीयू में भी बेड आरक्षित किए गए हैं।

सर्दी-खांसी वाले मरीजों की हो रही जांच
मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक अतुल देशकर ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर डॉक्टरों को इलाज के दौरान विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सर्दी और खांसी से प्रभावित ऐसे मरीज, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उनका स्वाब लेकर जांच कराई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, स्टेशनपारा निवासी 24 वर्षीय युवक स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाया गया है। उसे उपचार के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बुजुर्ग मरीज की हालत गंभीर, वेंटिलेटर पर इलाज
वहीं, शहर के एक बुजुर्ग मरीज की हालत पहले से ही गंभीर बनी हुई है। वह मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में वेंटिलेटर पर उपचाररत है।
इसके अलावा गुरुवार को एक और मरीज सामने आने की जानकारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग लगातार सामने आ रहे मामलों की निगरानी कर रहा है।
कोविड मरीज भी भर्ती
स्वाइन फ्लू के साथ ही कोरोना संक्रमण का मामला भी सामने आया है। छुरिया निवासी 34 वर्षीय युवक की कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसे भी शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत उसका इलाज किया जा रहा है।
संपर्क में आए लोगों की निगरानी
लगातार संक्रमण के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें संक्रमित मरीजों के परिजनों और उनके संपर्क में आए लोगों की जांच-पड़ताल कर रही हैं।
स्वास्थ्य अमले की ओर से संपर्क में आए लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। साथ ही लोगों को कोविड और स्वाइन फ्लू के लक्षणों तथा बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।