रायपुर। नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में 14 से 27 नवंबर तक आयोजित होने वाले 45वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ अपनी कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और औद्योगिक विकास की झलक पेश करेगा। मेले में राज्य की भागीदारी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने छत्तीसगढ़ पवेलियन के निर्माण, सुरक्षा, ब्रांडिंग और अन्य व्यवस्थाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। इस वर्ष मेले की थीम ‘विकास और विरासत’ रखी गई है। इसके तहत देश की आधुनिक प्रगति और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
हस्तशिल्पियों और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्पियों, स्व-सहायता समूहों और उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का बड़ा अवसर है।
उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण तथा उद्यानिकी विभाग को छत्तीसगढ़ के प्रमुख मिलेट उत्पादों कोदो, कुटकी और रागी सहित अन्य विशिष्ट कृषि उत्पादों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
वहीं, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को लघु वनोपज संघ के माध्यम से छत्तीसगढ़ के हर्बल उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है।
औद्योगिक नीति और पर्यटन स्थलों का होगा प्रचार
छत्तीसगढ़ पवेलियन के नोडल विभाग वाणिज्य एवं उद्योग विभाग को नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 और विभिन्न निवेश योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही पर्यटन विभाग को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी प्रदर्शित करने और संस्कृति विभाग को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं और सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराना है।
हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों की होगी प्रदर्शनी
बैठक में ग्रामोद्योग विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। हथकरघा बुनकर सहकारी संघ और ‘शबरी’ के माध्यम से हस्तशिल्प उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली और निर्देश दिए कि प्रदेश के बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराया जाए।
राज्य दिवस पर लोक कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
मेले के दौरान छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य दिवस का आयोजन भी किया जाएगा। इसके लिए भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदेश के लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि पवेलियन में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और औद्योगिक विकास की झलक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत की जानी चाहिए, ताकि प्रदेश की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो सके।
14 से 27 नवंबर तक चलेगा व्यापार मेला
45वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का आयोजन 14 से 27 नवंबर तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में होगा। आयोजन के शुरुआती पांच दिन यानी 14 से 18 नवंबर तक विशेष रूप से व्यापारिक और व्यावसायिक आगंतुकों के लिए निर्धारित हैं। इसके बाद मेला आम जनता के लिए भी खुला रहेगा।
समीक्षा बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पाण्डेय, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, जनसंपर्क संचालक आशीष टिकरिया और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।