रायपुर। राजधानी रायपुर में NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राजीव गांधी चौक पर रायपुर जिला NSUI अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के 21 फीट ऊंचे पुतलों का दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

यह प्रदर्शन NSUI के देशव्यापी आह्वान पर आयोजित किया गया। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की रक्षा का मुद्दा उठाते हुए संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से कार्य करना बेहद जरूरी है। साथ ही जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
रायपुर जिला NSUI अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब भी लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के अधिकारों पर सवाल खड़े होंगे, NSUI छात्रहित और जनहित में अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
गोस्वामी ने आगे कहा कि संगठन अन्याय और लोकतंत्र विरोधी नीतियों के खिलाफ अपना संघर्ष लगातार जारी रखेगा।
NSUI के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
राजीव गांधी चौक पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में NSUI के जिला एवं विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष वैभव मुजेवार, विधानसभा अध्यक्ष अंकित शर्मा, जिला महासचिव दिव्यांश श्रीवास्तव और सुमित शुक्ला प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इसके अलावा कृष सहारे, विजय बघेल, करण, रविंद्र सिंह, सौरभ नाग, लोमश साहू, उत्कर्ष खिलारी, शिवम गोस्वामी, दीपांशु गिलहरे और भावेश सहित रायपुर जिला NSUI के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
NSUI कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की रक्षा के लिए अपना आंदोलन जारी रखने का संदेश दिया।