उज्जैन। गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर उज्जैन के प्राचीन चिंतामण गणेश मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। उज्जैन के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त भगवान चिंतामण गणेश के दर्शन के लिए पहुंचे।
श्रद्धालु फूल, प्रसाद और दुर्वा लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं। वहीं कई भक्त अपने घर में स्थापना के लिए गणेश प्रतिमा लेकर भी भगवान के दर्शन करने पहुंचे।

एक प्रतिमा में विराजमान हैं गणेश जी के तीन स्वरूप
चिंतामण गणेश मंदिर को लेकर धार्मिक मान्यता है कि यहां एक ही प्रतिमा में भगवान गणेश के तीन स्वरूप विराजमान हैं। इनमें चिंतामण गणेश को चिंता दूर करने वाला, सिद्धिविनायक को कार्य सिद्ध करने वाला और इच्छामन गणेश को मनोकामनाएं पूरी करने वाला माना जाता है।
मंदिर के पुजारी गणेश गुरु के मुताबिक, इस मंदिर का संबंध रामायण काल से भी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण ने यहां भगवान गणेश की पूजा की थी। इसी के बाद भगवान गणेश को यहां चिंतामण गणेश के नाम से जाना जाने लगा।
अभिषेक और विशेष श्रृंगार के बाद 1.25 लाख लड्डुओं का भोग
गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में सुबह विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए। भगवान चिंतामण गणेश का अभिषेक, पंचामृत पूजन और विशेष श्रृंगार किया गया।
इसके बाद भगवान को 1 लाख 25 हजार लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया। गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किए जाने की व्यवस्था की गई है।
UP, पुणे और हैदराबाद से भी पहुंचे श्रद्धालु
गणेश चतुर्थी पर चिंतामण गणेश मंदिर में सिर्फ उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों के भक्त ही नहीं पहुंचे, बल्कि दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए आए।
उत्तर प्रदेश, पुणे और हैदराबाद से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान चिंतामण गणेश के दर्शन किए और सुख-समृद्धि तथा मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।
गणपति भक्ति में डूबा चिंतामण गणेश मंदिर
गणेश चतुर्थी के मौके पर पूरा मंदिर परिसर गणपति भक्ति से सराबोर नजर आया। सुबह से लगातार श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
गणेश उत्सव के आगामी दिनों में भी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से भीड़ को व्यवस्थित करने और भक्तों को सुगम दर्शन कराने की व्यवस्था की जा रही है।