रायपुर। गुढ़ियारी थाने में तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में शहर कांग्रेस ने बुधवार को प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता गुढ़ियारी थाने के सामने पहुंचे और धरना देकर नारेबाजी की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा और स्थानीय भाजपा विधायकों के खिलाफ भी नारे लगाए।

पुलिस पर कार्रवाई में भेदभाव का लगाया आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गृह मंत्री के शहर में रहते हुए पुलिस विभाग के अधिकारियों और राजधानी के टीआई नरेंद्र साहू के साथ थाने के अंदर कथित धक्का-मुक्की, दुर्व्यवहार और कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना गंभीर है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि घटना के करीब 24 घंटे बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि घटना के बाद डीजे वाहन और आरोपियों की गाड़ियों को राजनीतिक दबाव में छोड़ा गया। कांग्रेस ने इसे पुलिस पर कथित राजनीतिक दबाव का संकेत बताते हुए मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।
टीआई को गुलदस्ता देने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता
कांग्रेस कार्यकर्ता टीआई नरेंद्र साहू से मिलने और उन्हें गुलदस्ता देकर नैतिक समर्थन देने के लिए थाने पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को थाने के बाहर ही रोक दिया।
प्रदर्शन को देखते हुए 4-5 थानों के टीआई, एएसपी पूर्णिमा लांबा समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को थाने के अंदर जाने से रोकने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि थाने में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ भी तत्काल इसी तरह कार्रवाई की गई होती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
करीब तीन घंटे चला प्रदर्शन
टीआई को गुलदस्ता नहीं देने देने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता थाने के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन और नारेबाजी चलती रही। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री विजय शर्मा और स्थानीय भाजपा विधायकों के खिलाफ पोस्टर भी लहराए।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना को पुलिस का मनोबल प्रभावित करने वाला बताया। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए राजनीतिक आरोप कांग्रेस के नेताओं के दावे हैं।
श्रीकुमार मेनन ने गृह मंत्री पर साधा निशाना
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री रायपुर समेत पूरे प्रदेश में अपराध नियंत्रण करने में विफल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके ही विभाग के टीआई स्तर के अधिकारी और उनके कार्यालय भी अब राजनीतिक कार्यकर्ताओं से सुरक्षित नहीं हैं।
मेनन ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने रायपुर में बढ़ते अपराधों को लेकर समीक्षा बैठक नहीं की और केवल प्रचारात्मक गतिविधियों में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से कोई गलती होगी तो कांग्रेस उसका विरोध करेगी, लेकिन जब पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगी तो उसके समर्थन और सम्मान के लिए भी कांग्रेस सड़क पर उतरेगी।
पूर्व विधायकों ने भाजपा नेताओं पर लगाए आरोप
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और पूर्व जिला अध्यक्ष पंकज शर्मा ने भाजपा विधायक राजेश मूणत और मोतीलाल साहू पर अपने पदाधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि घटना की निंदा नहीं किया जाना उनके कथित संरक्षण का संकेत है।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के थाने नहीं पहुंचने और अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों की गिरफ्तारी रोकने के लिए गृह मंत्री और स्थानीय विधायकों द्वारा पुलिस पर कथित दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस ने मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की।
एएसपी के पहुंचने के बाद समाप्त हुआ धरना
करीब तीन घंटे चले प्रदर्शन के बाद एएसपी आदित्य पांडेय मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष की मांग के बावजूद टीआई नरेंद्र साहू प्रदर्शनकारियों के सामने नहीं आए।
इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा टीआई के लिए लाया गया गुलदस्ता एएसपी आदित्य पांडेय और डीसीपी पूर्णिमा लांबा को सौंपा गया।
72 घंटे में गिरफ्तारी नहीं तो आयुक्त कार्यालय घेरने की चेतावनी
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 72 घंटे के भीतर घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो आयुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।