September 15, 2026

सरगुजा। सरगुजा जिले के शिवपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं के अपनी समस्याओं को लेकर पैदल कलेक्ट्रेट के लिए निकलने के मामले को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गंभीरता से लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन पर चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने विद्यालय में लंबे समय से बुनियादी समस्याएं बने रहने और छात्राओं को अपनी बात रखने के लिए पैदल निकलने की स्थिति पैदा होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बच्चियों को अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए विद्यालय से पैदल निकलना पड़े, यह स्थिति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

बिजली समेत कई समस्याओं को लेकर छात्राओं ने उठाई आवाज

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर से सवाल किया कि यदि विद्यालय में लंबे समय से बिजली सहित अन्य समस्याएं बनी हुई थीं, तो संबंधित अधिकारियों ने समय रहते उनका समाधान क्यों नहीं किया। उन्होंने छात्राओं द्वारा सामने लाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

छात्राओं की ओर से बिजली, शिक्षकों की कमी, नियमित पढ़ाई, मेस और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं सामने आने की बात कही गई है।

लापरवाही मिलने पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टर को पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आदिवासी अंचलों के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश

सीएम साय ने कहा कि सिर्फ वर्तमान समस्याओं का समाधान करना पर्याप्त नहीं है। ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिससे छात्राओं और छात्रावास में रहने वाले बच्चों की समस्याएं विद्यालय एवं छात्रावास स्तर पर ही समय पर सुनी और दूर की जा सकें।

उन्होंने जिला प्रशासन को छात्राओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और विद्यालय में किए जा रहे सुधारों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।

स्कूल और छात्रावासों के नियमित निरीक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे को अपनी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन तक खुद पहुंचने की स्थिति दोबारा नहीं आनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को बच्चों की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी लेने तथा उनका समयबद्ध समाधान करने की जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए।

आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं देने पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार संसाधन उपलब्ध करा रही है। इन संसाधनों और सरकारी योजनाओं का लाभ बच्चों तक सही तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित करना मैदानी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक बच्चे को पढ़ाई के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सकारात्मक वातावरण मिले।

CM साय बोले- बच्चों की छोटी समस्या भी संवेदनशीलता से सुनें

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे भरोसा करके आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी छोटी से छोटी समस्या को भी संवेदनशीलता के साथ सुनना और उसका समयबद्ध समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

उन्होंने जिला प्रशासन को छात्राओं से लगातार संवाद बनाए रखने और विद्यालय की व्यवस्थाओं में किए जा रहे सुधारों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।

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