इंदौर। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद मध्य प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कार्यक्रम और उससे जुड़े विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी के साथ वामपंथियों और ‘अर्बन नक्सली’ शब्द का इस्तेमाल किया। विजयवर्गीय ने कहा कि वे देश जोड़ने वाले लोगों में विश्वास रखते हैं, देश तोड़ने वालों में नहीं।

‘भारत में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत’
इंदौर में विधानसभा क्षेत्र-1 के विकास कार्यों के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं। उन्होंने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर अपनी आलोचना रखी।
विजयवर्गीय ने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह छात्रों की गूंज, वामपंथ और ‘अर्बन नक्सली’ जैसी गतिविधियों के साथ काम कर रहे हैं, उससे कोई सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने श्रीलंका और बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियां भारत में सफल नहीं हो सकतीं।
उनका यह बयान राजनीतिक टिप्पणी है और इसे लेकर कांग्रेस की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आई है।
‘जहां-जहां छात्रों की गूंज, वहां कांग्रेस साफ’
विजयवर्गीय ने अपने बयान में ‘छात्रों की गूंज’ को लेकर पंजाब, कोटा और दिल्ली के उदाहरण दिए। उन्होंने दावा किया कि जहां-जहां इस तरह की गतिविधियां हुईं, वहां कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान हुआ।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां NSUI का प्रदर्शन खराब रहा और ABVP को जीत मिली। इसी आधार पर उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ को ‘झूठ की गूंज’ बताया और कांग्रेस को दिल्ली के परिणाम से सबक लेने की बात कही।
यह विजयवर्गीय का राजनीतिक आकलन और दावा है, न कि स्वतंत्र रूप से स्थापित निष्कर्ष।
‘अंधभक्त नहीं, देशभक्त होना जरूरी’
‘अंधभक्त’ शब्द को लेकर पूछे गए सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा कि ‘अंधभक्त’ नकारात्मक नजरिए से जुड़ा शब्द है और देशभक्त होना जरूरी है। उन्होंने अपने बयान में राष्ट्र और देशहित को प्राथमिकता देने की बात कही।
राहुल के कार्यक्रम में मिमिक्री पर भी साधा निशाना
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री किए जाने को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ है। भाजपा नेताओं ने इस प्रस्तुति को प्रधानमंत्री की दिवंगत मां के अपमान से जोड़ा है, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है।
विजयवर्गीय ने इस मुद्दे पर कहा कि मां का सम्मान भारतीय संस्कृति में सर्वोच्च है और किसी भी मां का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी के कार्यक्रम में हुई प्रस्तुति की आलोचना की और कार्यक्रम के आयोजन के तरीके पर भी सवाल उठाए।
मनोरंजन और मिमिक्री को लेकर कांग्रेस पर हमला
विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि राजनीतिक कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए रैपर, कॉमेडियन और मिमिक्री का सहारा लिया गया। उन्होंने इसे राजनीति के मूल उद्देश्य से अलग बताया।
उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य देश, प्रदेश और शहर का विकास तथा जनता की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर अपनी असहमति जताते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधा।
छात्रों के मुद्दों पर हुआ था कार्यक्रम
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों ने MPPSC, भर्ती परीक्षाओं में देरी, नर्सिंग शिक्षा और रोजगार सहित कई मुद्दे उठाए थे। राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम के दौरान हुई मिमिक्री के बाद अब इसका एक अलग राजनीतिक विवाद भी सामने आ गया है।