
भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को करीब तीन महीने के लंबे इंतजार के बाद स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। गुजरात हाई कोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पहले ही उनके नाम की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी, जिसके बाद उनकी नियुक्ति को मंजूरी मिली है।
तीन महीने से खाली था स्थायी मुख्य न्यायाधीश का पद
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में पिछले करीब तीन महीनों से स्थायी मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त था। 2 जून 2026 से वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस विवेक रूसिया कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे की नियुक्ति के साथ ही अब हाई कोर्ट को स्थायी नेतृत्व मिल गया है। उनकी नियुक्ति से न्यायिक प्रशासन और लंबित मामलों की सुनवाई को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
1993 में शुरू किया था वकालत का सफर
जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने वर्ष 1993 में वकालत शुरू की थी। लंबे कानूनी अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों में पैरवी की। उन्हें संवैधानिक और आपराधिक मामलों का अनुभवी कानूनविद माना जाता है।
वकालत के दौरान उन्होंने गुजरात सरकार की ओर से 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े कई संवेदनशील मामलों में भी पैरवी की थी।
कॉलेजियम ने की थी नाम की सिफारिश
जस्टिस कोगजे की नियुक्ति से पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। अब नियुक्ति के बाद वे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के स्थायी मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में न्यायिक प्रशासन को स्थायी नेतृत्व मिलने का लंबे समय से इंतजार था।