तंत्र-मंत्र, चमत्कार, जादू-टोना और भूत-प्रेत के नाम पर ठगी, हत्या, यौन शोषण और धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं।
- विभिन्न धर्मों के कुछ कथित बाबा, तांत्रिक और चंगाई सभा आयोजित करने वाले लोग चमत्कारों के दावे कर जनता को भ्रमित करते हैं।
- रुपये दुगने करना, खजाना दिलाना, बीमारी ठीक करना या भविष्य बताना जैसे दावे वास्तविक चमत्कार नहीं बल्कि छल या भ्रम पैदा करने के तरीके हैं।
- विज्ञान और चिकित्सा ने अनेक बीमारियों के कारण तथा उनके उपचार खोजे हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी नियंत्रण डॉक्टरों, दवाओं और वैक्सीन के माध्यम से हुआ, किसी चमत्कार से नहीं।
- मानसिक बीमारियों को पहले भूत-प्रेत का प्रभाव माना जाता था, लेकिन आज उनका उपचार मनोचिकित्सकों द्वारा किया जाता है।

- जादू-टोने के संदेह में महिलाओं को डायन/टोनही बताकर प्रताड़ित करने और हत्या करने जैसी घटनाएँ अंधविश्वास के दुष्परिणाम हैं।
- धर्म का प्रचार-प्रसार सभी का अधिकार है, लेकिन बीमारी ठीक करने, धन दिलाने या चमत्कार दिखाने के नाम पर लोगों को गुमराह करना उचित नहीं है।
- प्रशासन को ऐसे मामलों में कार्रवाई करनी चाहिए और आम लोगों को ऐसे दावों पर बिना प्रमाण विश्वास नहीं करना चाहिए।