मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रमुख चौराहों पर धरना-प्रदर्शन, आंदोलन और पुतला दहन को लेकर पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त कदम उठाया है। शहर में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और इनके कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतों के बीच भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। इसके तहत रोशनपुरा चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा और किलोल पार्क सहित प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शनात्मक गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।

पुलिस के इस आदेश का उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर यातायात सुचारु बनाए रखना और आम नागरिकों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही निर्बाध रखना है। आदेश जारी होने की तारीख से दो महीने तक प्रभावी रहेगा।
रोशनपुरा, पॉलिटेक्निक चौराहा और किलोल पार्क पर पाबंदी
जारी आदेश के अनुसार, भोपाल के प्रमुख और व्यस्त चौराहों पर हड़ताल, धरना, आंदोलन और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। प्रतिबंध के दायरे में प्रमुख रूप से ये स्थान शामिल हैं:
- रोशनपुरा चौराहा: इसे प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है।
- पॉलिटेक्निक चौराहा: यहां भी धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन पर रोक रहेगी।
- किलोल पार्क: इस स्थान पर भी प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है।
पुलिस कमिश्नरेट के मुताबिक, यह आदेश जारी होने की तारीख से आगामी दो महीने तक प्रभावी रहेगा। इसका उद्देश्य ऐसे आयोजनों के कारण प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित होने की स्थिति को रोकना है।
ट्रैफिक जाम से राहत और आपातकालीन सेवाओं को रास्ता देना प्राथमिकता
प्रशासन ने यह कदम शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है। इन मार्गों से राजभवन, राजा भोज एयरपोर्ट और हमीदिया अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों तक पहुंचा जाता है। ऐसे में सड़क पर प्रदर्शन या पुतला दहन के कारण यातायात बाधित होने से आम लोगों और मरीजों को परेशानी हो सकती है।
प्रतिबंध लागू होने से एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध रास्ता उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम से राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
दो महीने तक लागू रहेगा प्रतिबंधात्मक आदेश
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी आदेश दो महीने की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। इस दौरान प्रतिबंधित स्थानों पर धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन जैसे कार्यक्रमों पर रोक रहेगी।
भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के इस फैसले से शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और सार्वजनिक आवागमन सुचारु करने की कोशिश की गई है।