धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में पहली बार रेल सेवा शुरू होने के बाद इसे लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टांडा रोड रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रेल सेवा का उद्घाटन किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधते हुए परियोजना में हुई देरी को लेकर सवाल उठाए हैं।
उमंग सिंघार ने कहा कि जिस रेल परियोजना के तहत ट्रेन सेवा शुरू हुई है, उसकी आधारशिला तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने रखी थी। उन्होंने सवाल किया कि आदिवासी क्षेत्र में रेल पहुंचने में इतने लंबे समय क्यों लगा।

‘PM मोदी ने कौन सी नई ट्रेन दी?’
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई नई ट्रेन नहीं दी है। उनके मुताबिक, धार-छोटा उदयपुर रेल परियोजना का शिलान्यास मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ही हुआ था।
सिंघार ने कहा कि “16 साल बाद ट्रेन आई, उसका स्वागत है, लेकिन 16 साल तक आदिवासी क्षेत्र की उपेक्षा क्यों की गई?” उन्होंने इसे सरकार की नाकामी बताया।
हालांकि, सिंघार ने नई रेल सेवा का स्वागत भी किया। उन्होंने कहा कि ट्रेन शुरू होने से आदिवासी क्षेत्र के लोगों को गुजरात में मजदूरी करने और बड़ौदा इलाज के लिए जाने में सुविधा मिलेगी, इसलिए वे इसका स्वागत करते हैं।
‘16 साल बाद आई ट्रेन, स्वागत है’
उमंग सिंघार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया ‘फूफाजी’ वाले बयान का भी संदर्भ देते हुए सरकार पर राजनीतिक कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे इंतजार के बाद क्षेत्र में रेल सेवा शुरू होना अच्छी बात है, लेकिन परियोजना को पूरा होने में इतना समय लगना सवाल खड़े करता है।
उनके मुताबिक, धार सहित आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन के अवसरों में मदद मिल सकती है।
2008 में हुआ था धार-छोटा उदयपुर रेल परियोजना का शिलान्यास
गौरतलब है कि धार-छोटा उदयपुर रेल परियोजना का शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 8 फरवरी 2008 को किया था।
करीब 18 साल सात महीने बाद परियोजना के एक हिस्से में यात्री रेल सेवा शुरू हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम से जोबट-टांडा रोड के बीच 28 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित रेलखंड का लोकार्पण किया।
पहली बार रेल कनेक्टिविटी से जुड़ा धार
धार जिले के लिए यह रेल सेवा महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि आजादी के बाद पहली बार जिले में रेल कनेक्टिविटी पहुंची है। नई रेल सेवा से धार और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों का गुजरात से सीधा रेल संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।
अब रेल सेवा शुरू होने के बाद जहां सरकार इसे क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात बता रही है, वहीं विपक्ष परियोजना में हुई देरी को लेकर सवाल उठा रहा है। इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की सियासत और गरमाने के आसार हैं।