November 5, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में 7 अक्टूबर को महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध वन्यजीव संपदा, ऐतिहासिक धरोहरों और आध्यात्मिक स्थलों के कारण मध्य प्रदेश में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार पारदर्शी नीतियों, त्वरित अनुमतियों और सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए निवेशकों को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के दौरान देश-विदेश के पर्यटन निवेशकों, हॉस्पिटैलिटी समूहों और अन्य हितधारकों के साथ वन-टू-वन बैठकें हुईं। पर्यटन अधोसंरचना, धरोहर संरक्षण, कौशल विकास, फिल्म पर्यटन और नई परियोजनाओं को लेकर कई समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं के लिए निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) भी प्रदान किए गए।

सीहोर के रामगढ़ में 848.40 करोड़ रुपये की पर्यटन परियोजना

निवेश संवर्धन के तहत सीहोर जिले के रामगढ़ में A.R.M. Foods Private Limited ने 848.40 करोड़ रुपये के निजी निवेश से गोल्फ कोर्स, होटल विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण समझौता किया। कंपनी की ओर से चेयरमैन एवं निदेशक अतुल अग्रवाल ने प्रतिनिधित्व किया।

प्रस्तावित परियोजना से लगभग 920 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है। यह निवेश क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ओरछा की धरोहरों से लेकर पर्यटक वाहन चालकों के प्रशिक्षण तक कई MoU

ट्रैवल मार्ट में पर्यटन विकास, योजना और क्षमता निर्माण से जुड़े कई अन्य समझौते भी हुए।

  • फिल्म पर्यटन: इंदौर के ACAD के साथ फिल्म निर्माण शिक्षा, पर्यटन और कंटेंट निर्माण को बढ़ावा देने के लिए समझौता किया गया।
  • ओरछा की धरोहरों का संरक्षण: स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली के साथ ओरछा के ऐतिहासिक परिसर की समेकित प्रबंधन योजना तैयार करने के लिए MoU हुआ। इसमें डॉ. सेवा राम ने प्रतिनिधित्व किया।
  • कौशल विकास: भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM), ग्वालियर के साथ पर्यटक वाहन चालकों के प्रशिक्षण और प्रमाणन के लिए समझौता किया गया। पहले चरण में भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (RPL) के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा।
  • पर्यावरण और लैंडस्केप योजना: DRONAH के साथ ओरछा परिसर के पर्यावरण, लैंडस्केप और संरक्षण योजना पर काम करने के लिए समझौता हुआ। इसमें शिखा जैन ने प्रतिनिधित्व किया।
  • बीएसएफ अकादमी में पर्यटन सुविधाएं: टेकनपुर, ग्वालियर स्थित बीएसएफ अकादमी में पर्यटन सुविधाओं, डिजिटल अधोसंरचना और बीएसएफ म्यूजियम के उन्नयन के लिए बीएसएफ अकादमी, मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) और जिला प्रशासन के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ। इसमें डीआईजी हरिंदर सिंह तोमर और रितेश ठाकुर ने प्रतिनिधित्व किया।

लक्जरी रिसॉर्ट और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में बड़े निवेश प्रस्ताव

वन-टू-वन बैठकों में कई कंपनियों ने मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होटल और लक्जरी रिसॉर्ट विकसित करने की योजनाएं साझा कीं।

  • एटमॉस्फियर ग्रुप: प्रबंध निदेशक सौभाग्य महापात्रा ने उज्जैन, इंदौर और प्रमुख वन्यजीव सर्किटों में लक्जरी हॉस्पिटैलिटी के विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना प्रस्तुत की।
  • रेनी ग्रुप: निदेशक पंकज फुलवानी ने मांडू में 350 वर्ष पुरानी लुनेरा सराय को ‘वेलकमहोटल बाय ITC’ के रूप में विकसित करने के लिए 130 करोड़ रुपये, खजुराहो में कुटनी डैम के सामने वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट के लिए 125 करोड़ रुपये और सीधी में ‘स्टोरी बाय ITC’ के लिए 35 करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी दी। मैहर में बाणसागर डैम के पास रिसॉर्ट सहित कंपनी ने कुल 290 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव साझा किए।
  • सर्व ग्रुप: प्रबंध निदेशक कुणाल ज्ञानी ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई क्षेत्र में ‘ताज सफारीज’ के साथ 40 एकड़ में 100 करोड़ रुपये का अल्ट्रा-लक्जरी वन्यजीव रिसॉर्ट विकसित करने और राज्य में कुल 300 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बताई।
  • MRVH रिसॉर्ट्स: निदेशक जितेंद्र सिंह ने ओंकारेश्वर में बन रहे ‘रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम’ को सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करने की योजना साझा की। परियोजना की लागत 200 करोड़ रुपये बताई गई। कंपनी ने रातापानी, बांधवगढ़, पचमढ़ी और मढ़ई में 150 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव भी रखा।

वन्यजीव पर्यटन में 140 करोड़ रुपये तक के निवेश की योजना

वन्यजीव पर्यटन के क्षेत्र में भी कई कंपनियों ने रुचि दिखाई। रामको ग्रुप (JKR हॉस्पिटैलिटी) की प्रबंध निदेशक शारदा दीपा ने कान्हा, कूनो, पेंच, रानी दुर्गावती, संजय डुबरी, रातापानी, बांधवगढ़ और पन्ना में 120 से 140 करोड़ रुपये के सतत वन्यजीव रिसॉर्ट विकसित करने की योजना प्रस्तुत की।

इसके अलावा:

  • वराय होटल्स: सीएमडी शैलेश कलवाडिया ने उज्जैन के ब्रजराजखेड़ी में 80 करोड़ रुपये के होटल प्रोजेक्ट की जानकारी दी।
  • इवॉल्व बैक ग्रुप: अब्राहम जॉर्ज रामापुरम ने मांडू में 50 करोड़ रुपये से अधिक के रिसॉर्ट प्रोजेक्ट पर चर्चा की।
  • अनाशविश टाइगर कैंप: विनोद सिंह राजपुरोहित ने ‘द लीला’ के साथ कान्हा और सतपुड़ा में लक्जरी परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया।

विसक्वेस्ट हॉस्पिटैलिटी के एस. वेंकट रेड्डी, जूस्टा होटल्स के आशीष वोहरा, अंबुजा नियोतिया के अवनीश कोहली और अहिल्या एक्सपीरिएंसेज के यशवंत राव होलकर ने भी प्रदेश में होटल और डेस्टिनेशन हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में निवेश की रुचि दिखाई।

फिल्म पर्यटन और फूड टूरिज्म पर भी जोर

मध्य प्रदेश को फिल्म निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी चर्चा हुई। ‘द वायरल फीवर’ (TVF) के संस्थापक अरुणाभ कुमार ने ‘पंचायत’ और ‘गुल्लक’ जैसी वेब सीरीज की शूटिंग का उल्लेख करते हुए राज्य में फिल्म पर्यटन की संभावनाओं पर विचार रखे।

अभिनेता अन्नू कपूर ने सिनेमा के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहरों के प्रचार पर सुझाव दिए, जबकि सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार ने स्थानीय खानपान और पर्यटन स्थलों को जोड़कर डेस्टिनेशन-बेस्ड फूड टूरिज्म विकसित करने की बात कही।

ओरछा, बैतूल, नीमच और अन्य जिलों की परियोजनाओं को LoA

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने विभिन्न जिलों में पर्यटन परियोजनाओं के विकास के लिए निवेशकों और उद्यमियों को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए।

प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं:

  • ओरछा, निवाड़ी: रिसॉर्ट और बहुउद्देश्यीय पर्यटन परियोजना के लिए मेसर्स अन्या पॉलीटेक एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड को LoA दिया गया। कंपनी की ओर से यशपाल यादव ने प्रतिनिधित्व किया।
  • गुरगुंडा, बैतूल: रिसॉर्ट परियोजना के लिए मेसर्स हेवन टेक्नो सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को LoA मिला। कंपनी की ओर से राजेंद्र ठाकुर ने प्रतिनिधित्व किया।
  • बोथिया, बैतूल: रिसॉर्ट परियोजना के लिए संदीप सोनी को LoA दिया गया।
  • बस्सी, नीमच: रिसॉर्ट परियोजना के लिए स्वाति गोयल को LoA मिला।
  • कंगहट्टी, मंदसौर: वेलनेस रिसॉर्ट परियोजना के लिए जैनम जैन को LoA दिया गया।
  • गांधी सागर: इको-टूरिज्म गतिविधियों के लिए रघुराज सिंह चौधरी को LoA मिला।
  • मुरलीखेड़ी, रायसेन: रिसॉर्ट और अन्य पर्यटन परियोजनाओं के लिए मेसर्स टेक्नो प्लानर्स LLP को LoA दिया गया। कंपनी की ओर से आशीष भदौरिया ने प्रतिनिधित्व किया।
  • सलैया गंज, सागर: होटल और रिसॉर्ट परियोजना के लिए मेसर्स ज्ञानोदय ग्रुप को LoA मिला। कंपनी की ओर से मूरत सिंह ने प्रतिनिधित्व किया।

हेरिटेज होटल और राजमार्गों पर वे-साइड सुविधाओं को बढ़ावा

सीहोर जिले के लावाखेड़ी में रिसॉर्ट परियोजनाओं के लिए संजेश रघुवंशी, आलोक कटारिया और मेसर्स साई हरदा कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स (आकाश सचदेवा) को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए।

उज्जैन के ब्रजराजखेड़ी में रिसॉर्ट परियोजना के लिए शैलेश कलवाडिया और पन्ना जिले के लक्ष्मीपुर पैलेस में हेरिटेज होटल परियोजना के लिए रत्न जादौन को भी LoA दिया गया।

राजमार्गों पर यात्रियों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वे-साइड एमिनिटीज यानी मार्ग सुविधा केंद्रों की स्थापना को भी प्रोत्साहन दिया गया। इसके तहत:

  • खजुराहो-पन्ना मार्ग पर सुविधा केंद्र के लिए मेसर्स नीलम कंस्ट्रक्शन को LoA दिया गया। कंपनी की ओर से नीलम सिंह ने प्रतिनिधित्व किया।
  • जबलपुर-भोपाल मार्ग पर तेंदूखेड़ा में सुविधा केंद्र के लिए दुर्गा दास पटेल को LoA मिला।
  • उज्जैन-मक्सी मार्ग पर हरसोदन में सुविधा केंद्र के लिए पाटीदार फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को LoA प्रदान किया गया। कंपनी की ओर से पुरुषोत्तम पाटीदार और आकाश पाटीदार ने प्रतिनिधित्व किया।

MICE, एडवेंचर टूरिज्म और AI तकनीक पर चर्चा

मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों (MICE) तथा साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

ईमा (EEMA) के अध्यक्ष दीपक चौधरी और विजक्राफ्ट इंटरनेशनल के सह-संस्थापक सबास जोसेफ ने बड़े आयोजनों की संभावनाओं पर चर्चा की। एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) के पूर्व अध्यक्ष अजीत बजाज ने पर्यावरण-अनुकूल एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

टीबीओ ग्रुप के प्रबंध निदेशक अंकुश निझावन ने ‘टीबीओ एकेडमी’ के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के कौशल विकास का प्रस्ताव रखा। टीएएआई के अध्यक्ष सुनील कुमार और एडीटीओआई के अध्यक्ष वेद खन्ना ने कम चर्चित पर्यटन स्थलों के प्रचार की योजना पर विचार साझा किए।

तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक्सप्लर्जर के संस्थापक जितिन भाटिया ने पर्यटन स्थलों पर AI आधारित सहायक यानी ‘AI एजेंट’ तैनात करने का प्रस्ताव रखा।

सरकार का भरोसा: समयबद्ध अनुमतियां और रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों और उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार भूमि आवंटन, अधोसंरचना विकास और जरूरी अनुमतियों की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने का प्रयास करेगी।

उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्तावों, समझौता ज्ञापनों और लेटर ऑफ अवॉर्ड के जरिए पर्यटन क्षेत्र में नई परियोजनाओं को गति मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 में सामने आए निवेश प्रस्ताव राज्य के पर्यटन क्षेत्र में होटल, रिसॉर्ट, वन्यजीव पर्यटन, फिल्म निर्माण, धरोहर संरक्षण और तकनीकी नवाचार जैसे क्षेत्रों के विस्तार की संभावनाएं दिखाते हैं। हालांकि, प्रस्तावित निवेश और रोजगार के अवसरों का वास्तविक लाभ परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

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