रायपुर। राजधानी रायपुर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी है। महादेवघाट-पाटन पुलिया के समीप नगर निगम द्वारा बनाए गए स्थायी विसर्जन कुंड में आज दोपहर 1 बजे तक दुर्गा माता की 790 प्रतिमाओं का श्रद्धापूर्वक विसर्जन किया जा चुका है। श्रद्धालु प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं के बीच प्रतिमाओं का विसर्जन कर रहे हैं।

खारून नदी में विसर्जन पर प्रतिबंध, निर्देशों का पालन कराने के आदेश
प्रशासन ने खारून नदी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर प्रतिबंध संबंधी आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुरूप प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित कुंड में ही कराने पर जोर दिया जा रहा है।
विसर्जन कुंड की व्यवस्था के लिए समिति गठित
विसर्जन स्थल पर व्यवस्थाओं की निगरानी और सुचारु संचालन के लिए नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अधिकारियों की समिति गठित की है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिमा विसर्जन से पहले पूजन सामग्री को अलग कर निर्धारित स्थान पर रखा जाए।
इसके अलावा स्थायी विसर्जन कुंड में विसर्जन के बाद बची सामग्री, मलबा, बांस-बल्लियां और अन्य अवशेष 24 घंटे के भीतर बाहर निकालने को कहा गया है, ताकि जल प्रदूषण को रोका जा सके।
ध्वनि और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन तथा रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा
नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने दशहरा उत्सव और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन कुंड की व्यवस्था के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच कार्यों का विभाजन किया है। गठित समिति में ये अधिकारी शामिल हैं:
- विनोद पाण्डेय – अपर आयुक्त
- जसदेव सिंह बाबरा – उपायुक्त, स्वास्थ्य
- संतोष पाण्डेय – जोन कमिश्नर, जोन-2
- राकेश शर्मा – जोन कमिश्नर, जोन-5
- प्रीति सिंह – जोन कमिश्नर, जोन-6
- राजेश राठौर – प्रभारी अधीक्षण अभियंता
- नरसिंग फरेन्द्र – कार्यपालन अभियंता, जल
- संदीप शर्मा – कार्यपालन अभियंता, विद्युत
श्रद्धालुओं के लिए की गई जरूरी व्यवस्थाएं
विसर्जन कुंड स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शामियाना, रोशनी, माइक, अग्निशमन वाहन और चिकित्सा सुविधा सहित अन्य जरूरी इंतजाम किए गए हैं। नगर निगम की ओर से व्यवस्था बनाए रखने और विसर्जन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।