September 14, 2026

रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम ने लंबे समय से राजस्व बकाया रखने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ में पहली बार नगर निगम स्तर पर राजस्व मामलों में डिफॉल्टरों की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए निगम ने टीम का गठन कर दिया है और कार्रवाई की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

नगर निगम की उपायुक्त एवं राजस्व अधिकारी अंजलि शर्मा ने बताया कि प्रथम चरण में अलग-अलग मामलों से जुड़े 10 राजस्व डिफॉल्टरों की संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया की जा रही है। बकायादारों की संबंधित संपत्ति को निगम से अटैच किया जाएगा।

कुर्की से पहले मिलेंगे दो नोटिस

नगर निगम के मुताबिक, राजस्व बकाया जमा नहीं करने वाले करदाताओं को संपत्ति कुर्क करने से पहले दो नोटिस जारी किए जाएंगे। दूसरे नोटिस के बाद भी करदाता को बकाया राशि जमा करने का अंतिम अवसर दिया जाएगा।

निगम ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद संबंधित करदाता को 30 दिनों के भीतर बकाया कर राशि जमा करने का मौका मिलेगा। निर्धारित अवधि में भुगतान करने पर कुर्की की कार्रवाई से बचा जा सकेगा।

भुगतान नहीं किया तो होगी संपत्ति कुर्क

यदि नोटिस और निर्धारित समय सीमा के बावजूद बकाया राजस्व जमा नहीं किया जाता है, तो नगर निगम नियमानुसार संबंधित डिफॉल्टर की संपत्ति के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई करेगा।

अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई शुरू करने से पहले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और नोटिस की समयसीमा का पालन किया जाएगा।

पहले चरण में 10 मामलों पर कार्रवाई

नगर निगम ने फिलहाल 10 अलग-अलग राजस्व मामलों को प्रथम चरण के लिए चुना है। इन मामलों में बकाया राजस्व की वसूली के लिए संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

निगम का उद्देश्य लंबे समय से लंबित राजस्व की वसूली करना और करदाताओं को समय पर संपत्ति कर एवं अन्य देय राजस्व जमा करने के लिए प्रेरित करना है।

अधिकारियों का कहना है कि नोटिस की प्रक्रिया और निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद ही नियमानुसार संपत्ति कुर्क की जाएगी। इस कार्रवाई से निगम को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित राजस्व की वसूली में तेजी आएगी।

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