रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के सेवा संकल्प अभियान को गति देने के लिए सांसद एवं राष्ट्रीय संकुल संयोजक वीडी शर्मा छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। उनकी मौजूदगी में राजधानी रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में अहम बैठक जारी है। बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं।
बैठक में सेवा संकल्प अभियान की आगामी रूपरेखा, कार्यक्रमों और संगठन स्तर पर तैयारियों को लेकर विस्तृत मंथन किया जा रहा है। अभियान के लिए गठित 13 टोलियां भी बैठक में मौजूद हैं।
अब तक के कार्यक्रमों की समीक्षा
बैठक के दौरान सेवा संकल्प अभियान के तहत अब तक किए गए कार्यों और गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही आने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा, जिम्मेदारियों और संगठन स्तर पर अभियान को और प्रभावी बनाने को लेकर चर्चा हो रही है।
पार्टी पदाधिकारियों के साथ यह भी तय किया जा रहा है कि अभियान के आगामी कार्यक्रमों को बूथ और जमीनी स्तर तक किस तरह प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए।
17 सितंबर से शुरू होगा एक महीने का सेवा संकल्प अभियान
भाजपा की ओर से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक एक महीने का विशेष ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका संभाली थी। भाजपा इस अभियान के जरिए उनके 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा, विकास कार्यों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े प्रयासों को जनता तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
मंगलवार से शुरू हुई बैठकों का दौर
सेवा संकल्प अभियान को लेकर मंगलवार से दो दिवसीय बैठकों का दौर शुरू हुआ था। पहले दिन प्रदेश स्तर पर गठित टोलियों की बैठक हुई, जिसमें अब तक किए गए कार्यों और गतिविधियों की समीक्षा की गई।
इसके बाद भाजपा के महापौर और सभापतियों के साथ बैठक हुई। जिला पंचायत और नगर पंचायत के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों से भी अभियान को लेकर फीडबैक लिया गया।
अब दूसरे दिन वीडी शर्मा की मौजूदगी में 13 टोलियों के साथ आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जा रही है। बैठक में अभियान को संगठन के विभिन्न स्तरों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने और आगामी कार्यक्रमों की जिम्मेदारियां तय करने पर विशेष जोर है।