आगर मालवा। मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। तनोडिया और पालखेड़ी गांव में ग्रामीणों ने अलग-अलग स्थानों पर चक्काजाम कर दिया। दोनों प्रदर्शन इंदौर-कोटा नेशनल हाईवे पर करीब 10 किलोमीटर के दायरे में हुए, जिससे सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर बिना सूचना बिजली बंद करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। उनका कहना है कि लगातार बिजली कटौती से धार्मिक गतिविधियों, सिंचाई और रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हो रही है।
आरती के समय बिजली कटने से नाराज तनोडिया के ग्रामीण
तनोडिया के ग्रामीणों का आरोप है कि नवरात्रि के दौरान रात करीब 8 बजे, माता की आरती के समय, बिजली काट दी जाती है। इससे पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में बाधा आती है। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति नियमित रखने की मांग की।
पालखेड़ी में सिंचाई और अंधेरे से परेशानी
पालखेड़ी गांव के लोगों ने भी अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के मुताबिक, बिजली की अनियमित आपूर्ति से सिंचाई प्रभावित हो रही है और रात में अंधेरे के कारण रोजमर्रा की गतिविधियां मुश्किल हो रही हैं।
दोनों गांवों के ग्रामीण सड़क पर उतर आए और विरोध जताते हुए बीच सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। प्रदर्शन के कारण इंदौर-कोटा नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित हुई।
पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर खुलवाया जाम
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराया गया और हाईवे पर यातायात बहाल करने की कार्रवाई की गई।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग बिजली आपूर्ति को नियमित करना और अघोषित कटौती की समस्या का समाधान करना है। अब देखना होगा कि बिजली विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है।