November 5, 2026

इंदौर: विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में कथित तौर पर हो रही अवैध नशे की बिक्री को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है। वह नशे के अवैध कारोबार पर नियंत्रण की मांग को लेकर डीसीपी नरेंद्र रावत से मिलने पहुंचे और उन्हें मामले से अवगत कराया।

सत्तन ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।

‘अवैध नशे की बिक्री पर नियंत्रण करना पुलिस की जिम्मेदारी’

सत्यनारायण सत्तन ने कहा कि उन्हें अलग-अलग सूत्रों के माध्यम से क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार और उस पर हो रही कार्रवाई की जानकारी मिलती रहती है। उनके मुताबिक, नशे पर नियंत्रण के लिए पुलिस को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि नशा किसी भी तरह का हो, उस पर नियंत्रण जरूरी है। इसकी जांच करना और अवैध बिक्री रोकना संबंधित पुलिस अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आता है।

‘नेता खुद कार्रवाई करेंगे तो वैयक्तिकता आ जाएगी’

सत्तन ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों या नेताओं के खुद कार्रवाई करने से मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप का सवाल उठ सकता है। इसलिए उन्होंने पुलिस अधिकारियों से ही अपने स्तर पर कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई।

उन्होंने कहा, “उसकी तफ्तीश और उसका नियंत्रण इनके हाथ में है, तो ये उस काम को करें।”

उनका कहना है कि अवैध नशे की बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस को जांच और नियंत्रण की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभानी चाहिए।

सरकार की भूमिका पर भी उठाए सवाल

अवैध नशे के कारोबार पर चर्चा के दौरान सत्यनारायण सत्तन ने सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोई भी नेता, विधायक या मंत्री सार्वजनिक रूप से नशे के समर्थन में बात नहीं करेगा, बल्कि सभी इसके नियंत्रण की बात करेंगे।

हालांकि, सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “यह बात और है कि सरकार खुद ही बेच रही है।”

सत्तन के मुताबिक, यदि सरकार की ओर से ही नशीले पदार्थों की बिक्री होती है, तो इससे अवैध कारोबार करने वालों को भी प्रोत्साहन मिलने की आशंका रहती है। यह टिप्पणी उन्होंने नशे की बिक्री और उस पर नियंत्रण को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए की।

‘समाज की दृष्टि से पुलिस फेल हो रही है’

सत्तन ने कहा कि समाज के नजरिए से देखा जाए तो नशे के मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों के बीच यह धारणा बन रही है कि नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि नेताओं, जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों के बीच मुलाकातें तथा व्यक्तिगत संबंध अलग विषय हैं। लेकिन अवैध नशे की बिक्री पर कार्रवाई करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

अब देखना होगा कि सत्यनारायण सत्तन की शिकायत के बाद पुलिस क्या कदम उठाती है और इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में कथित अवैध नशे के कारोबार पर नियंत्रण के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।

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