सोहागपुर। मध्य प्रदेश के सोहागपुर ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री से परेशान 50 से अधिक आदिवासी महिलाओं ने जिला आबकारी कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और घेराव किया। महिलाओं ने गांवों में बिक रही अवैध देशी और कच्ची शराब की सप्लाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। साथ ही, उन्होंने आबकारी अधिकारी को अवैध शराब के कारोबार में कथित रूप से शामिल करीब एक दर्जन लोगों के नामों की सूची सौंपी।

गांव-गांव बिक रही अवैध शराब, परिवारों पर पड़ रहा असर
प्रदर्शनकारी महिलाओं के अनुसार, सोहागपुर ब्लॉक के जमुनिया, सेमरी हरचंद, झालोन और सोहागपुर के बंगाली टोला में बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बिक्री हो रही है। उनका कहना है कि शराब आसानी से उपलब्ध होने के कारण 18 से 25 वर्ष की उम्र के कई युवक नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि इस वजह से परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और घरों में आए दिन विवाद तथा घरेलू कलह की स्थिति बन रही है।
महिलाओं ने बताई अपनी परेशानी
जमुनिया निवासी सुषमा बाई ने बताया कि बाहर से लाई जा रही कच्ची शराब गांव-गांव में बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके पति और बच्चे भी शराब की लत से प्रभावित हैं।
महिलाओं के मुताबिक, वे इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इसी के विरोध में वे एकजुट होकर जिला आबकारी कार्यालय पहुंचीं और अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।
आबकारी अधिकारी ने कार्रवाई का दिया भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला आबकारी अधिकारी डॉ. राजीव द्विवेदी ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से चर्चा की और उनकी शिकायत सुनी। उन्होंने बताया कि महिलाओं की ओर से शिकायत के साथ करीब एक दर्जन संदिग्ध शराब तस्करों की सूची दी गई है।
आबकारी अधिकारी ने विशेष टीम भेजकर चिन्हित ठिकानों की जांच कराने और सूची में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
अवैध शराब की बिक्री रोकने की मांग
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध देशी और कच्ची शराब की बिक्री तथा सप्लाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने प्रशासन से नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की, ताकि युवाओं को नशे से बचाया जा सके और परिवारों में बढ़ रहे विवादों पर अंकुश लगाया जा सके।