शहडोल। आग लगने की घटनाओं में लोगों की जान और संपत्ति बचाने वाली फायर ब्रिगेड का इस्तेमाल अगर फर्श की धुलाई और सिंचाई जैसे सामान्य कार्यों में होने लगे, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। शहडोल जिले की धनपुरी नगरपालिका में ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में कराए गए सौंदर्यीकरण कार्य के बाद परिसर में फायर ब्रिगेड वाहन से फर्श धोने और पानी डालने का मामला सामने आया है।

इस घटना ने नगरपालिका में आपातकालीन संसाधनों के इस्तेमाल और उनकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, नगरपालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) अमित तिवारी ने इस मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही है।
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में फायर ब्रिगेड से कराई जा रही धुलाई
जानकारी के अनुसार, धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में सौंदर्यीकरण का काम कराया गया है। यह कार्य पहले भी विवादों के चलते चर्चा में रहा है। अब इसी परिसर में नगरपालिका के फायर ब्रिगेड वाहन से फर्श की धुलाई और सिंचाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस मामले में सवाल उठ रहा है कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैनात वाहन को सामान्य सफाई और पानी डालने जैसे कार्यों में लगाने का निर्णय किसने लिया। साथ ही, यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि इसके लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति ली गई थी या नहीं।
आपातकालीन सेवा के संसाधनों के इस्तेमाल पर सवाल
फायर ब्रिगेड का प्राथमिक काम आगजनी की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करना और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए वाहनों और उपकरणों को जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल के लिए तैयार रखना महत्वपूर्ण होता है।
ऐसे में यदि फायर ब्रिगेड वाहन का इस्तेमाल अन्य कार्यों में किया जाता है, तो यह जानना जरूरी है कि इससे उसकी आपातकालीन उपलब्धता पर कोई असर पड़ा या नहीं। साथ ही, नगरपालिका के पास सफाई और सिंचाई के लिए दूसरे संसाधन उपलब्ध थे या नहीं, इस पर भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
हालांकि, फिलहाल यह जानकारी सामने नहीं आई है कि वाहन को किसके निर्देश पर इस काम में लगाया गया और इसके लिए कोई औपचारिक अनुमति ली गई थी या नहीं।
CMO अमित तिवारी बोले- मामले को दिखवाता हूं
मामले को लेकर धनपुरी नगरपालिका के CMO अमित तिवारी ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे इसकी जानकारी नहीं है, इस मामले को मैं दिखवाता हूं।”
CMO के इस बयान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगरपालिका प्रशासन मामले की जांच कराता है या नहीं और फायर ब्रिगेड वाहन के इस्तेमाल को लेकर क्या जानकारी सामने आती है।
जवाबदेही तय करने की मांग
धनपुरी नगरपालिका के इस मामले में मुख्य सवाल यही हैं कि फायर ब्रिगेड वाहन को फर्श धोने और सिंचाई के लिए किसके निर्देश पर लगाया गया, क्या इसके लिए अनुमति ली गई थी और क्या इस दौरान आपातकालीन सेवा की तैयारियों पर कोई असर पड़ा।
इन सवालों का जवाब नगरपालिका प्रशासन की जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।