सीहोर: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोसमी में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने और खेतों को नुकसान पहुंचाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वन विकास निगम की कार्रवाई से नाराज आदिवासी परिवार न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। अपनी मांगें शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में आदिवासी सीहोर से राजधानी भोपाल की ओर पैदल पदयात्रा कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम कोसमी में वन विकास निगम की ओर से आदिवासियों के मकान तोड़ने और उनके खेतों को नुकसान पहुंचाने की कार्रवाई की गई थी। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि इस कार्रवाई के बाद उनके सामने रहने की जगह और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
इसी के विरोध में आदिवासियों ने राजधानी भोपाल तक पैदल मार्च करने का फैसला लिया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।
बैनर और तख्तियां लेकर भोपाल की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी
सीहोर से शुरू हुई पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिला, युवा और बुजुर्ग शामिल हैं। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगा रहे हैं।
पदयात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ आगे बढ़ रही है, ताकि यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं आदिवासी
प्रदर्शनकारी आदिवासी परिवारों का आरोप है कि उनके घर तोड़ने और खेती को नुकसान पहुंचाने से पहले उनके रहने और आजीविका के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से उनके सामने गंभीर संकट पैदा हो गया है।
पदयात्रा में शामिल लोग भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहते हैं। वे अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, उचित मुआवजे और न्याय की मांग करने की तैयारी में हैं।
फिलहाल, कोसमी के आदिवासियों की यह पदयात्रा प्रशासन के लिए अहम मुद्दा बन गई है। प्रभावित परिवारों की मांगों पर शासन-प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर है।