सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नाजिया इलाही खान इंदौर प्रवास के दौरान अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने आगामी सर्वपितृ अमावस्या पर उज्जैन में अपने दिवंगत पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण करने का ऐलान किया है। इसके अलावा उन्होंने गोमूत्र के सेवन और नवरात्रि में गरबा आयोजनों की सुरक्षा को लेकर भी अपनी राय रखी है।

10 अक्टूबर को उज्जैन में श्राद्ध-तर्पण करने की घोषणा
नाजिया इलाही खान ने बताया कि उनके मन में लंबे समय से अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की इच्छा थी। अब वह उज्जैन में विधि-विधान से श्राद्ध और तर्पण कर इस इच्छा को पूरा करना चाहती हैं।
उन्होंने अपनी धार्मिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि वह मानवीयता और पूर्वजों के प्रति सम्मान को महत्व देती हैं। उनके इस ऐलान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
गोमूत्र के सेवन को लेकर क्या बोलीं नाजिया?
गोमूत्र को लेकर नाजिया इलाही खान ने दावा किया कि वह स्वयं नियमित रूप से इसका सेवन करती हैं और इससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी लाभ महसूस होते हैं। उन्होंने दूसरों को भी गोमूत्र का सेवन करने की सलाह दी।
नाजिया ने यह भी आरोप लगाया कि गोमूत्र के सेवन और सनातन परंपराओं का समर्थन करने के कारण उन्हें धमकियां मिल रही हैं। उनके मुताबिक, उन्हें पाकिस्तान से भी धमकी भरे संदेश मिले हैं और समुदाय से बाहर करने जैसी बातें कही गई हैं।
उन्होंने कहा कि वह इन धमकियों से डरने वाली नहीं हैं और अपने विचारों पर कायम रहेंगी।
हालांकि, गोमूत्र से स्वास्थ्य लाभ होने के उनके दावे को चिकित्सकीय प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। किसी भी पदार्थ का सेवन स्वास्थ्य संबंधी लाभ के लिए करने से पहले विश्वसनीय चिकित्सा सलाह लेना उचित है।
गरबा आयोजनों में सुरक्षा और पहचान जांच की मांग
नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों को लेकर भी नाजिया इलाही खान ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि गरबा मां की आराधना से जुड़ा धार्मिक आयोजन है और इसमें सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवकों की मौजूदगी पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कुछ लोग इन आयोजनों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने लव जिहाद और सीमा पार से कथित साजिशों का भी जिक्र किया, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
नाजिया ने हिंदू संगठनों, युवाओं और गरबा आयोजकों से अपील की कि वे आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करें और प्रवेश के समय पहचान पत्रों की जांच करें।
बयानों को लेकर चर्चा
नाजिया इलाही खान के श्राद्ध-तर्पण करने के ऐलान, गोमूत्र को लेकर उनके दावे और गरबा आयोजनों पर उनकी टिप्पणियों ने धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा को फिर से सामने ला दिया है।
फिलहाल, उज्जैन में श्राद्ध-तर्पण करने की उनकी घोषणा और अन्य बयानों पर आगे की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।