
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से सिंहस्थ-2028 महापर्व भव्य, दिव्य, अद्भुत और अलौकिक होगा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में चल रहे विकास कार्यों से महापर्व से पहले शहर का स्वरूप और अधिक सुंदर एवं सुव्यवस्थित होगा।
मुख्यमंत्री 25 अगस्त को उज्जैन में आयोजित सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल के दायित्व ग्रहण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे।
संतों और प्रशासन की होगी अहम भूमिका
सीएम यादव ने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियों में संत, प्रशासन और सामाजिक संगठन अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। संत-महात्माओं के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सुविधा एवं सेवा के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ का आयोजन सभी की सहभागिता से होगा। जिन किसानों के पास भूमि उपलब्ध है, वे वहां स्कूल, अस्पताल और हॉस्टल जैसी सुविधाएं विकसित कर सकते हैं। सरकार इसमें सहयोग करेगी।
उज्जैन के धार्मिक स्थलों का होगा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन की पहचान और गौरव सनातन परंपरा से जुड़ा है। सिंहस्थ की तैयारियों में सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा है। विभिन्न धर्मों के लोगों ने धार्मिक स्थलों के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराकर सहयोग किया है। कई नागरिकों ने भी अपने मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जगह स्वेच्छा से उपलब्ध कराई है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उज्जैन के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी विकास किया जाएगा, जिससे शहर के धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र सिंहस्थ
राज्यसभा सांसद संत बालयोगी उमेश नाथ महाराज ने कहा कि सिंहस्थ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र है। वहीं स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रामेश्वरदास महाराज ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को भव्य स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
सांसद अनिल फिरोजिया ने सिंहस्थ को सनातन धर्म का विश्व का सबसे बड़ा मेला बताते हुए कहा कि आयोजन की तैयारियां उसी स्तर पर की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन की पहचान और बाबा महाकाल की महिमा का वैश्विक स्तर पर प्रचार हुआ है।
जगदीश अग्रवाल ने संभाला दायित्व
सिंहस्थ मेला प्राधिकरण कार्यालय परिसर में आयोजित समारोह में जगदीश अग्रवाल ने अध्यक्ष का दायित्व ग्रहण किया। उन्होंने संत-महंतों की उपस्थिति में अध्यक्ष कक्ष में भगवान महाकाल की तस्वीर का पूजन-अर्चन किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ-2028 की ऐतिहासिक तैयारियों को गति दी जा रही है।