उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित अतिप्राचीन सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। सुबह से ही भगवान गणेश के दर्शन और पूजन-अभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंजता रहा।

2500 साल पुरानी प्रतिमा होने की मान्यता
सिद्धिविनायक गणेश मंदिर की प्रतिमा को लेकर मान्यता है कि यह काले पाषाण से निर्मित और करीब 2500 वर्ष पुरानी है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, राजा भर्तहरि द्वारा महाकाल मंदिर के शिखर निर्माण के समय इस सिद्धिविनायक प्रतिमा की स्थापना कराई गई थी।
मान्यता है कि बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु सिद्धिविनायक गणेश के दर्शन और पूजन भी करते हैं।
पंचामृत अभिषेक और महाआरती
गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान सिद्धिविनायक का विधि-विधान से पंचामृत पूजन-अभिषेक किया गया। इसके बाद भव्य महाआरती हुई।
इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुत्र वैभव यादव ने भी मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश का पूजन-अभिषेक किया और महाआरती में सहभागिता की।
रक्षा सूत्र को लेकर विशेष मान्यता
सिद्धिविनायक मंदिर में बांधे जाने वाले रक्षा सूत्र को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। मान्यता है कि मंदिर में रक्षा सूत्र बंधवाने से व्यक्ति को अकाल मृत्यु और विभिन्न संकटों से सुरक्षा मिलती है। हालांकि यह धार्मिक मान्यता है, जिसका आधार आस्था और परंपरा है।
भगवान गणेश को चढ़ाया गया 5 लाख मोदकों का महाभोग
इस वर्ष गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान सिद्धिविनायक को 5 लाख मोदकों का महाभोग लगाया गया। मंदिर समिति के मुताबिक, इन मोदकों को आगामी 12 दिनों तक मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा।
गणेश चतुर्थी के चलते उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। सिद्धिविनायक मंदिर में भी सुबह से भक्तों की भीड़ और उत्साह देखने को मिल रहा है।