आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोमवार को रायपुर में सड़क, मिलावटी शराब और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर आवाज उठाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

सड़क के मुद्दे पर AAP ने कार्रवाई का उठाया मामला
सूरज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि AAP के प्रदेश प्रवक्ता लव कुमार दुबे ने खराब सड़कों के खिलाफ आवाज उठाई और सड़क सुधार की मांग की, जिसके बाद उनके खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया।
AAP प्रवक्ता के मुताबिक, कई दिनों तक आवेदन तक नहीं लिए गए और लव कुमार दुबे को करीब पांच दिनों तक जेल में रखा गया। पार्टी ने इसे जनता की समस्याओं को उठाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए सवाल खड़े किए।
मिलावटी शराब को लेकर सरकार पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP ने प्रदेश में सामने आ रहे नकली और मिलावटी शराब के मामलों को लेकर भी सरकार को घेरा। सूरज उपाध्याय ने कहा कि इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने मध्य प्रदेश में जहरीली या मिलावटी शराब से मौतों के एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से छत्तीसगढ़ सरकार को सबक लेना चाहिए। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए यह आंकड़े AAP प्रवक्ता के दावे के तौर पर सामने रखे गए।
किसानों के रकबे में कमी का आरोप
AAP ने एग्रीस्टेक और रकबा समर्पण के मुद्दे को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। सूरज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि एग्रीटेक समर्पण के नाम पर किसानों के रकबे में कमी की जा रही है, जिससे किसान परेशान हैं।
उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे को लेकर प्रदेश के किसानों में आक्रोश है। पार्टी ने सरकार से किसानों के रकबे और धान खरीदी से जुड़े मामलों को स्पष्ट करने की मांग की।
शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ प्रदर्शन का किया जिक्र
AAP नेता ने जांजगीर-चांपा में किसानों की समस्याओं को लेकर हुए प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया था।
सूरज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की गई। AAP ने इसे भी कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने की कोशिश बताया।
AAP ने सरकार के सामने रखीं ये मांगें
पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किसानों, सड़कों और शराब से जुड़े मुद्दों पर कई मांगें रखीं।
- एग्रीस्टेक और रकबा समर्पण: AAP ने मांग की कि एग्रीस्टेक और रकबा समर्पण के नाम पर किसानों को परेशान करना बंद किया जाए। पार्टी ने किसानों की स्थिति को लेकर स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग भी की।
- स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें: AAP ने केंद्र सरकार से स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग की, ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके।
- पूरी धान खरीदी की गारंटी: पार्टी ने कहा कि प्रदेश के बड़ी संख्या में किसान कर्ज के बोझ से जूझ रहे हैं। AAP ने आगामी खरीदी सीजन में किसानों का पूरा धान खरीदने की गारंटी देने की मांग की।
- बलरामपुर सड़क और केस का मुद्दा: पार्टी ने बलरामपुर में AAP नेता के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने, जिले की सड़कों में सुधार करने और लापरवाही के आरोपों की जांच की मांग की।
- नकली शराब पर कार्रवाई: AAP ने सरकार से नकली और मिलावटी शराब के कारोबार पर रोक लगाने तथा इससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि एग्रीस्टेक पंजीयन और रकबा समर्पण के नाम पर किसानों को परेशान किया गया, धान खरीदी में किसानों के हितों की अनदेखी हुई और प्रदेश की खराब सड़कों में सुधार नहीं किया गया, तो पार्टी प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेगी।
AAP ने सरकार से किसानों और आम जनता से जुड़े इन मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों पर सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया इस जानकारी में सामने नहीं आई है।