रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की बहस की चुनौती को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वीकार कर लिया है। बघेल ने कहा कि वह पहले ही बहस के लिए तैयार होने की बात कह चुके हैं और अब स्थान व समय तय कर लिया जाए।
भूपेश बघेल ने कहा, “मैंने तो पिछले महीने ही बोला था कि स्थान और समय निर्धारित कर लें। पूरी मीडिया को बुला लें। बात करने के लिए हम तैयार हैं। कांग्रेस के सभी लोग प्रेस क्लब आ जाएंगे।”

विजय शर्मा ने दी थी बहस की चुनौती
दरअसल, पीएम आवास योजना को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी। विजय शर्मा ने कहा था कि प्रेस क्लब जब कहेगा, वह वहां बहस के लिए तैयार हैं।
उन्होंने सरकार की ओर से पीएम आवास योजना के आंकड़े भी पेश किए थे। विजय शर्मा के मुताबिक, प्रदेश में 11 लाख 25 हजार से अधिक पीएम आवास पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि करीब 2 लाख पीएम आवासों में गृहप्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
विजय शर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि विपक्ष अपनी नाकामी छिपाने के लिए बार-बार इस तरह के मुद्दे उठा रहा है।
शिवराज के बयान पर भूपेश बघेल का पलटवार
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छत्तीसगढ़ को लेकर दिए गए बयान पर भी भूपेश बघेल ने पलटवार किया। चौहान ने कांग्रेस और पिछली सरकार पर प्रदेश को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था।
इसके जवाब में बघेल ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में लूट का काम अभी भी जारी है। उन्होंने जंगल और खदानों से लेकर बिजली बिल और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
भूपेश बघेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि चीनी की कीमत क्यों बढ़ी है, किसानों को खाद क्यों नहीं मिली और एग्रीस्टैक के नाम पर किसानों से धान नहीं खरीदने का बहाना क्यों किया जा रहा है।
नितिन नबीन के बयान पर भी साधा निशाना
वहीं भाजपा नेता नितिन नबीन के राहुल गांधी पर वंदे मातरम का महत्व नहीं समझने संबंधी बयान पर भी भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी।
बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि नितिन नबीन को खुद ही इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कांग्रेस संगठन से जुड़े मुद्दों को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि सात महीने से कमेटी नहीं बनाई जा सकी है तथा छत्तीसगढ़ में प्रभारी की नियुक्ति भी नहीं हो पाई है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता पहले वंदे मातरम गाते हुए तिरंगा लेकर निकलते थे और इस दौरान भाजपा नेताओं के पूर्वजों पर अंग्रेजों की मुखबिरी करने का आरोप लगाया। बघेल ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए तीखी राजनीतिक टिप्पणी की।