रायपुर। स्मार्ट मीटर को अनिवार्य किए जाने के कथित केंद्रीय निर्देश के विरोध में शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को राजीव गांधी चौक पर प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के आदेश की प्रतियां और पुतला जलाकर विरोध जताया।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पुतला जलाने को लेकर झूमाझटकी भी हुई।

कांग्रेस का दावा- 12 अगस्त को जारी हुआ निर्देश
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, 12 अगस्त को केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की सचिव अंकिता वर्षणेय की ओर से देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश जारी किए गए हैं। कांग्रेस का दावा है कि इस निर्देश में राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
कांग्रेस ने इसी कथित आदेश को आधार बनाकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
एक महीने से चला रही ‘स्मार्ट मीटर हटाओ अभियान’
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पार्टी करीब एक महीने से ‘स्मार्ट मीटर हटाओ अभियान’ चला रही है। रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता अलग-अलग वार्डों में घर-घर जाकर लोगों से स्मार्ट मीटर हटाने को लेकर फॉर्म भरवा रहे हैं।
जिन क्षेत्रों में अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगाए गए हैं, वहां भी लोगों से इसे नहीं लगवाने की अपील की जा रही है। कांग्रेस का दावा है कि अभियान को मिले जनसमर्थन के बाद राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया था कि स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य नहीं है।
विजय शर्मा के बयान का हवाला देकर सरकार पर निशाना
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के कथित बयान का भी हवाला दिया, जिसमें स्मार्ट मीटर को स्वैच्छिक बताया गया था।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई और बढ़े हुए बिजली बिलों से जुड़े पोस्टर भी प्रदर्शन के दौरान लहराए। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर जनता के साथ कथित तौर पर धोखा करने का आरोप लगाते हुए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को ‘संगठित लूट का अभियान’ करार दिया।
पुतला जलाने को लेकर पुलिस से झूमाझटकी
राजीव गांधी चौक पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए पहुंचे थे। पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को पुतला जलाने से रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झूमाझटकी हुई।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के प्रयास के बावजूद ऊर्जा मंत्रालय के आदेश की प्रतियां और पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने महंगाई का लगाया आरोप
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने केंद्र और राज्य सरकार पर जनता पर दोहरी आर्थिक मार डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ रही है और आम लोगों को राहत देने के बजाय ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं, जिनसे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
मेनन ने नए करों, GST, ट्रैफिक चालान और बढ़े हुए बिजली बिलों का उल्लेख करते हुए स्मार्ट मीटर को भी उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला माध्यम बताया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की महिलाओं को 1,000 रुपये देने वाली योजना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि दूसरी ओर बिजली बिल और अन्य माध्यमों से परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
पुराने मीटर को कुछ समय तक चालू रखने की मांग
पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय और पंकज शर्मा ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने की स्थिति में पुराने मीटर को भी कुछ समय तक चालू रखने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नए स्मार्ट मीटर की दो से तीन महीने तक टेस्टिंग की जाए और उपभोक्ता के संतुष्ट होने के बाद ही पुराने मीटर को हटाया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर अलग रुख अपनाया जा रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से मांग की कि उपभोक्ताओं की मांग को प्राथमिकता देते हुए पुराने मीटर को बनाए रखने का आदेश जारी किया जाए।
बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में श्रीकुमार शंकर मेनन, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, पंकज शर्मा, जसवीर ढिल्लन, अरुण जंघेल, सुशांत डे, अविनय दुबे, प्रवीण चंद्राकर, दीपक चौबे, सुरेश धीवर, ओम श्रीवास, आसिफ खान, अनिल रायचूरा, अंजुमन ढेबर, संदीप शर्मा, मिलिंद गौतम, सुजीत सिंह, कमल घीतलहरे, जावेद नकवी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।