उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में उमा सांझी महोत्सव 2026 का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान के साथ घट स्थापना और पूजन से हुआ। महोत्सव के प्रथम दिवस मंदिर के सभामंडप में प्राचीन सांझी शिला पर उमा महल की आकर्षक रंगोली बनाई गई। इस अवसर पर मां पार्वती के स्वरूप उमा माता और शेषनाग की मनोहारी झांकी भी सजाई गई।

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर के मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में वैदिक विधि से घट स्थापना और पूजन संपन्न हुआ। यह पूजन महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक की ओर से कराया गया।
प्राचीन सांझी शिला पर बनाई गई कलात्मक रंगोली
उमा सांझी महोत्सव के पहले दिन मंदिर के सभामंडप में स्थित प्राचीन सांझी शिला पर उमा महल की सुंदर और कलात्मक रंगोली सजाई गई। भगवान श्री महाकालेश्वर के स्वरूप के मुखौटों से मनोहारी झांकियां भी तैयार की गईं, जिन्होंने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
सायंकालीन आरती के बाद सभामंडप में वसंत पूजा का आयोजन हुआ। इस दौरान वैदिक ब्राह्मणों ने वेदपाठ किया और धार्मिक वातावरण भक्तिमय हो गया।
ग्वालियर से आए ढोली बुआ महाराज ने किया नारदीय कीर्तन
महोत्सव के अंतर्गत धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी आयोजित की गई। शाम 5 से 6 बजे तक ग्वालियर से पधारे समर्थ योगेश पुरन्दरे, ढोली बुआ महाराज ने मंदिर के सभामंडप में नारदीय कीर्तन प्रस्तुत किया।
इसके साथ ही श्री महाकाल महालोक में सप्तऋषि प्रतिमाओं के समीप लोक गायन और लोक नृत्य पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक परंपराओं और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली।
अश्विन कृष्ण एकादशी से अश्विन शुक्ल द्वितीया तक चलेगा महोत्सव
श्री महाकालेश्वर मंदिर में उमा सांझी महोत्सव का आयोजन पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों के अनुसार किया जाता है। इस वर्ष उमा सांझी महोत्सव 2026 अश्विन कृष्ण एकादशी से शुरू होकर अश्विन शुक्ल द्वितीया तक आयोजित किया जाएगा।
महोत्सव के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना, रंगोली, झांकियों, कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का संगम देखने को मिलेगा।