November 5, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने 20 से अधिक आईएएस अधिकारियों के तबादले करते हुए 11 जिलों के कलेक्टर बदल दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि कुछ अधिकारियों को नई जिलों की कमान दी गई है।

रश्मि अरुण शमी और सुखवीर सिंह को मिली अहम जिम्मेदारी

सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के मुताबिक, 1994 बैच की आईएएस रश्मि अरुण शमी को अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी के साथ भोपाल गैस त्रासदी और खाद्य सुरक्षा आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वहीं, 1997 बैच के सुखवीर सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव और लोक निर्माण विभाग में प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्रालय स्तर पर किए गए इन बदलावों को प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है।

MP में 11 जिलों के कलेक्टर बदले, देखें किसे कहां मिली पोस्टिंग

राज्य सरकार ने 11 जिलों में नए कलेक्टर पदस्थ किए हैं। जारी जानकारी के अनुसार, अधिकारियों की नई पदस्थापना इस प्रकार है:

आईएएस अधिकारीनई पदस्थापना
राजेश कुमार ओगरेकलेक्टर, मऊगंज
पवन कुमार जैनकलेक्टर, भिंड
अरुण कुमार विश्वकर्माकलेक्टर, जबलपुर
आशीष वशिष्ठकलेक्टर, नर्मदापुरम
अंकित अस्थानाकलेक्टर, सिंगरौली
आदित्य सिंहकलेक्टर, बालाघाट
हर्ष सिंहकलेक्टर, पन्ना
रोहित सिसोनियाकलेक्टर, रायसेन
विवेक कुमारकलेक्टर, बुरहानपुर
डॉ. परिक्षित झाडेकलेक्टर, शाजापुर
कुमार सत्यमकलेक्टर, हरदा

इन नियुक्तियों के साथ संबंधित जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व की जिम्मेदारी नए अधिकारियों को सौंपी गई है।

कृषि विपणन बोर्ड और इंदौर विकास प्राधिकरण में भी बदलाव

जिला कलेक्टरों की नियुक्तियों के अलावा विभिन्न विभागों और संस्थाओं में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

  • राघवेन्द्र सिंह को प्रबंध संचालक, कृषि विपणन बोर्ड बनाया गया है।
  • संदीप केरकेट्टा को इंदौर विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।
  • केसी गुप्ता, शोभित जैन, भरत यादव और अभय बेडेकर सहित कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं।

पन्ना और बालाघाट में नई जिम्मेदारी, परियोजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं पर नजर

पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े भू-अर्जन के मुद्दे अहम हैं। वहीं बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की चुनौती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए नए कलेक्टरों की नियुक्ति की गई है।

हालांकि, इन नियुक्तियों के पीछे सरकार के सभी आधिकारिक कारण आदेश में दिए गए हैं या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित विस्तृत आदेश से ही हो सकेगी।

मंत्रालय में भी बदलीं कई अहम जिम्मेदारियां

राज्य सचिवालय में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। उद्योग विभाग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया गया है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, MSME विभाग को स्वतंत्र सचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उद्योग विभाग में नए सचिव की नियुक्ति की गई है। कुमार पुरुषोत्तम को पूर्णकालिक MSME आयुक्त बनाया गया है और उन्हें अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है।

हरदा और नर्मदापुरम के कलेक्टरों को हटाया गया

तबादला सूची में हरदा और नर्मदापुरम के तत्कालीन कलेक्टरों को हटाए जाने की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धार्थ जैन हरदा और सोमेश मिश्रा नर्मदापुरम में अप्रैल 2026 में पदस्थ हुए थे।

इन दोनों जिलों में मूंग खरीदी से जुड़े किसान आंदोलन और भोपाल घेराव के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल उठने की बात कही गई है। हालांकि, कलेक्टरों को हटाने के पीछे यही आधिकारिक कारण था या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

पन्ना, सिंगरौली और भिंड में भी बदली प्रशासनिक कमान

तबादलों के साथ पन्ना, सिंगरौली और भिंड के प्रशासनिक नेतृत्व में भी बदलाव हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, पन्ना में केन-बेतवा परियोजना से जुड़े भू-अर्जन विवाद के बीच तत्कालीन कलेक्टर ऊषा परमार को हटाकर उद्यानिकी विभाग में अपर सचिव बनाया गया है।

सिंगरौली के तत्कालीन कलेक्टर गौरव बैनल को भी हटाया गया है। वहीं, भिंड के तत्कालीन कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा के कामकाज को लेकर शिकायतें सामने आने की बात कही गई है। इन शिकायतों और तबादलों के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत सरकारी आदेश या संबंधित बयान से ही की जा सकती है।

राजेश कुमार ओगरे को पहली बार जिले की कमान

इस प्रशासनिक फेरबदल में राजेश कुमार ओगरे को मऊगंज जिले का कलेक्टर बनाया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें पहली बार किसी जिले की कलेक्टरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में जिला स्तर से लेकर मंत्रालय तक अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। नई पदस्थापनाओं के बाद संबंधित जिलों और विभागों में प्रशासनिक कामकाज की दिशा पर नजर रहेगी।

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