September 16, 2026

राजधानी भोपाल में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद प्रेसवार्ता में कांग्रेस विधायक और बोर्ड के सदस्य आरिफ मसूद ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर सरकार के रुख का विरोध किया। उन्होंने कहा कि बोर्ड इस बिल को स्वीकार नहीं करेगा और इसके खिलाफ संवैधानिक दायरे में रहकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

संविधान के दायरे में रहकर कानूनी लड़ाई की तैयारी

आरिफ मसूद ने कहा कि UCC के खिलाफ बोर्ड संविधान और कानून के दायरे में रहकर आगे की कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जल्द ही वकीलों की विशेष बैठक आयोजित किए जाने की बात भी कही गई।

उन्होंने आगामी 17 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए मध्य प्रदेश के लोगों से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।

‘एक देश, एक कानून’ के मुद्दे पर सरकार से सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 21 राज्यों में UCC लागू किए जाने संबंधी बयान का जिक्र करते हुए आरिफ मसूद ने सरकार की नीति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ‘एक देश, एक कानून’ की बात की जा रही है, लेकिन यदि आदिवासियों को प्रस्तावित कानून से अलग रखा जाता है, तो इस नारे की व्यावहारिकता पर सवाल उठता है।

भोपाल शहर काजी ने गोलवलकर के बयान का किया जिक्र

प्रेसवार्ता में मौजूद भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली ने भी UCC का विरोध किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व प्रमुख एम.एस. गोलवलकर के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि गोलवलकर ने भी अपने समय में UCC को आवश्यक नहीं माना था।

शहर काजी ने दावा किया कि वर्ष 1972 में गोलवलकर ने यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की आवश्यकता नहीं होने की बात कही थी।

17 सितंबर के प्रदर्शन को लेकर अपील

बैठक और प्रेसवार्ता में UCC के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बोर्ड की ओर से कानूनी विकल्पों पर काम करने के साथ ही दिल्ली में होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन में भागीदारी बढ़ाने की अपील की गई।

फिलहाल UCC को लेकर सरकार और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बीच मतभेद का मुद्दा राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बना हुआ है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *