भोपाल। AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के प्रस्तावित भोपाल दौरे से पहले प्रदेश की सियासत गरमा गई है। ओवैसी की सभा से ठीक पहले मुस्लिम स्कॉलर तौकीर निजामी ने उनकी राजनीति को लेकर सवाल खड़े किए हैं। निजामी ने आरोप लगाया कि ओवैसी की राजनीति के कारण देश में मुस्लिम समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व लगातार कम हो रहा है।

‘ओवैसी मुस्लिम प्रतिनिधित्व बढ़ा रहे हैं या घटा रहे हैं?’
तौकीर निजामी ने असदुद्दीन ओवैसी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि वह मुस्लिम जनप्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाने की राजनीति कर रहे हैं या घटाने की।
उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद से देश में मुस्लिम समाज की राजनीतिक कयादत यानी नेतृत्व में कमी आई है। निजामी ने ओवैसी से इस पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
‘आरिफ मसूद और आतिफ अकील के खिलाफ प्रत्याशी उतारेंगे या नहीं?’
तौकीर निजामी ने भोपाल के मौजूदा राजनीतिक समीकरण का हवाला देते हुए ओवैसी के सामने सीधा सवाल रखा। उन्होंने कहा कि भोपाल से दो मुस्लिम विधायक विधानसभा पहुंचते हैं। ऐसे में ओवैसी को अपनी सभा के मंच से यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या AIMIM आगामी चुनाव में इन दोनों मुस्लिम विधायकों के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतारेगी या नहीं।
निजामी ने कहा कि ओवैसी को भोपाल की जनता के सामने अपनी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट करनी चाहिए।
ओवैसी की सभा से पहले बढ़ा सियासी पारा
गौरतलब है कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का भोपाल में प्रस्तावित कार्यक्रम है। उनकी सभा को लेकर पहले से ही राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। अब तौकीर निजामी के बयान के बाद मुस्लिम समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और AIMIM की चुनावी रणनीति को लेकर बहस और तेज हो गई है।
हालांकि, ओवैसी या AIMIM की ओर से तौकीर निजामी के इन सवालों पर कोई जवाब इस खबर में सामने नहीं आया है।