कटनी: मध्य प्रदेश के कटनी जिले की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ दर्ज FIR मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। नेहा पच्चीसिया ने FIR को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान उनकी ओर से हाईकोर्ट में दी गई जानकारी और कटनी जिला अदालत में पहले दी गई जानकारी में अंतर होने की बात सामने आई है।

निलंबित CSP के खिलाफ धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत कुठला थाने में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में नेहा पच्चीसिया समेत कुल चार लोगों को आरोपी बनाया गया है।
हत्या के आरोपी से जमीन के सौदे का आरोप
मामले में आरोप है कि हत्या के एक आरोपी को बरी कराने के एवज में करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को 18 लाख रुपये में अपने नाम कराने का सौदा किया गया। आरोप यह भी है कि हत्या के आरोपी की करोड़ों रुपये की जमीन को कथित तौर पर सौदे के जरिए निलंबित CSP के परिचितों के नाम कराया गया।
हालांकि, ये सभी आरोप FIR और संबंधित पक्षों की ओर से लगाए गए हैं। मामले में इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
ट्रांसपोर्टर से रिश्वत मांगने का भी आरोप
नेहा पच्चीसिया पर एक ट्रांसपोर्टर से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप भी लगाया गया है। इसके अलावा उनके खिलाफ अन्य मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
FIR दर्ज होने के बाद उनके कार्यालय को सील कर दिया गया और उन्हें DIG कार्यालय में अटैच किया गया है। खबर के मुताबिक, FIR दर्ज होने के बाद से वह फरार हैं।
जिला अदालत में भी चल रहा मामला
निलंबित CSP के खिलाफ कटनी जिला न्यायालय में भी मामला चल रहा है। फरियादी आकाश लोधी की ओर से उनके अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने और उन्हें फरार घोषित करने की मांग भी की गई है।
हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित
FIR को लेकर नेहा पच्चीसिया की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
अब मामले में हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार है। अदालत के फैसले के बाद ही FIR को लेकर आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।