September 21, 2026

भोपाल। अरेरा हिल्स स्थित कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल में रविवार सुबह एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की पत्नी करीब 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। उनके साथ एक डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी मौजूद था। लिफ्ट में लिखे संपर्क नंबर पर कई बार फोन करने के बावजूद रिस्पांस नहीं मिलने पर उन्होंने अपने पति को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद नगर निगम का अमला मौके पर पहुंचा और तीनों को लिफ्ट से सुरक्षित बाहर निकाला।

रेस्क्यू के बाद नगर निगम की फायर ब्रिगेड, विद्युत और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने होटल की लिफ्ट और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। जांच में ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस (ARD) नहीं मिलने, निर्धारित समय पर मासिक संधारण नहीं होने और फायर सेफ्टी व्यवस्था में कमियां पाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद निगम ने होटल की तीन लिफ्टों को अस्थायी रूप से सील कर दिया।

20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं महिला

जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह महिला डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के साथ होटल की लिफ्ट में थीं। अचानक लिफ्ट बंद हो गई और वे करीब 20 मिनट तक अंदर फंसी रहीं। उन्होंने लिफ्ट में उपलब्ध संपर्क नंबर पर कई बार कॉल किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

इसके बाद उन्होंने अपने पति को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नगर निगम की टीम होटल पहुंची और रेस्क्यू कर तीनों को बाहर निकाला।

जांच में ARD नहीं मिला, संधारण में भी सामने आई कमी

रेस्क्यू के बाद निगम की टीम ने होटल की लिफ्टों से संबंधित दस्तावेजों और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। निगम के अनुसार, लिफ्टों में ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस (ARD) नहीं मिला।

दस्तावेजों की जांच में यह भी सामने आया कि लिफ्ट के मासिक संधारण की निर्धारित तारीख 31 अगस्त 2026 थी, लेकिन उस तारीख पर संधारण नहीं कराया गया था। जिस लिफ्ट में महिला फंसी थीं, उसका निर्धारित निरीक्षण 29 मई 2026 को हुआ था। इसके बाद के मासिक संधारण को लेकर जांच में कमियां मिलीं।

फायर सेफ्टी व्यवस्था में भी कमियां

नगर निगम की टीम ने लिफ्टों के अलावा होटल में लगे अग्निशमन उपकरणों और निर्गम द्वारों की भी जांच की। निगम के मुताबिक, अग्नि सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं नहीं मिलीं।

इन कमियों के आधार पर निगम ने होटल की तीन लिफ्टों को अस्थायी रूप से सील कर दिया। इसके साथ ही होटल के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की गई।

निगम के अनुसार, होटल का इससे पहले भी निरीक्षण किया जा चुका है और निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए नोटिस दिए गए थे।

शहरभर की लिफ्टों की होगी जांच

होटल में हुई घटना के बाद नगर निगम ने अब शहर की बहुमंजिला इमारतों, होटलों और अस्पतालों में लगी लिफ्टों की जांच करने का निर्णय लिया है। इस दौरान लिफ्टों के नियमित संधारण और निर्धारित निरीक्षण से जुड़े दस्तावेज भी देखे जाएंगे।

निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देश पर होने वाली इस जांच में सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधित भवन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निगम ने होटल, अस्पताल और बहुमंजिला भवन संचालकों से लिफ्टों के नियमित संधारण और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

घटना के बाद निगम में हलचल

लिफ्ट में महिला के फंसने की सूचना रविवार सुबह फायर कंट्रोल रूम को मिली थी। इसके बाद निगम की टीम तत्काल होटल पहुंची। रेस्क्यू के बाद हुई जांच में लिफ्ट के रखरखाव और फायर सेफ्टी से संबंधित कमियां सामने आने पर कार्रवाई की गई।

घटना के बाद नगर निगम ने शहर में लिफ्टों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच की तैयारी शुरू कर दी है।

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