November 4, 2026

मध्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में धार जिले के सीमावर्ती वन क्षेत्र में पुलिस ने गांजे की बड़े पैमाने पर हो रही अवैध खेती का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गांजे के 3,345 पौधे जब्त कर नष्ट किए। इनका कुल वजन 3,695 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 43 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस के मुताबिक, गांजे की खेती कपास और तुअर की फसल की आड़ में की जा रही थी। मामले में राजू भूरिया नामक आरोपी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश करने के साथ ही अवैध खेती से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।

कपास और तुअर की फसल के बीच उगाया जा रहा था गांजा

पुलिस को 13 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि ग्राम चौबारा के वन क्षेत्र में कपास और तुअर की फसल की आड़ में गांजे की अवैध खेती की जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र में जांच अभियान शुरू किया।

कार्रवाई के दौरान गांजे के कुल 3,345 पौधों को जब्त कर नष्ट किया गया। पुलिस के अनुसार, इन पौधों का वजन 3,695 किलोग्राम था और इनकी अनुमानित कीमत 4.43 करोड़ रुपये है।

दो दिन तक चला सघन अभियान

ASP पारुल बेलापुरकर ने बताया कि थाना प्रभारी समीर पाटीदार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने धार और झाबुआ जिले की सीमा से लगे वन क्षेत्र में लगातार दो दिनों तक सघन अभियान चलाया। इस दौरान अवैध रूप से उगाए गए गांजे के पौधों पर कार्रवाई की गई।

मामले में राजू भूरिया के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध खेती के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गांजे की आपूर्ति कहां की जानी थी।

नशामुक्ति अभियान के तहत कार्रवाई

पुलिस की यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के निर्देश पर चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान के तहत की गई। अभियान पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा और सरदारपुर SDOP विश्वदीप सिंह परिहार के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।

पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश के साथ मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों और अवैध कारोबार के नेटवर्क की जांच में जुटी है।

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