
धमतरी। करीब 3,000 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल एक बार फिर जांच एजेंसी के निशाने पर हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की आठ सदस्यीय टीम ने धमतरी स्थित उनके ठिकानों पर दबिश दी है। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर पुलिस बल तैनात रहा, जबकि ED के अधिकारी अंदर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच करते रहे।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब ED ने इससे पहले रामगोपाल अग्रवाल को रायपुर केंद्रीय जेल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें सात दिन की ED हिरासत में भेजा था।
शराब घोटाले, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग मामले से जुड़ी जांच
ED की जांच कथित शराब घोटाले के साथ-साथ कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर भी केंद्रित है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन मामलों से जुड़े कथित अवैध धन को इधर-उधर करने में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका रही है।
अब ED यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर घोटाले से जुड़ी रकम किन लोगों या संस्थाओं तक पहुंचाई गई और इसके लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।
घर के बाहर सुरक्षा बल तैनात
धमतरी में कार्रवाई के दौरान ED की टीम के साथ सुरक्षा बल भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने घर और संबंधित परिसरों में उपलब्ध दस्तावेजों एवं अन्य रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई से इलाके में हलचल बनी रही।
फिलहाल ED की ओर से तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेजों या किसी अन्य सामग्री को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ED के आरोप जांच का हिस्सा हैं और इन आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होना बाकी है।