धार: मध्य प्रदेश के धार जिले के सरदारपुर क्षेत्र में जल संकट, अल्पवर्षा और सिंचाई के लिए पानी की कमी को लेकर किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों ने सरदारपुर में माही नदी के तट पर जल सत्याग्रह शुरू किया है। आंदोलनकारी किसानों की मांग है कि खड़ी फसलों को बचाने के लिए जल्द सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाए और फसल नुकसान की भरपाई की जाए।

खड़ी फसलें सूखने की आशंका, किसानों ने जताई नाराजगी
भाकियू के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी के नेतृत्व में किसान माही नदी के पानी में उतरकर विरोध जता रहे हैं। सोलंकी के मुताबिक, इस साल मानसूनी बारिश की कमी के कारण क्षेत्र के जल स्रोतों में पानी घट गया है। इससे किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है और खेतों में खड़ी फसलों के सूखने का खतरा बढ़ गया है।
यूनियन का आरोप है कि किसानों की समस्याओं पर शासन-प्रशासन की ओर से अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी के विरोध में जल सत्याग्रह शुरू किया गया है।
किसानों की पांच प्रमुख मांगें
आंदोलन के दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रशासन के सामने पांच सूत्रीय मांग पत्र रखा है।
1. सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी उपलब्ध कराया जाए
किसानों ने मांग की है कि फसलों को बचाने के लिए तत्काल नर्मदा सिंचाई परियोजना का पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि सिंचाई की जरूरत पूरी हो सके।
2. सूखे तालाबों और जलाशयों को भरा जाए
यूनियन ने नर्मदा के पानी से क्षेत्र के सूखे तालाबों और जलाशयों को प्राथमिकता के आधार पर भरने की मांग की है। किसानों का कहना है कि इससे मौजूदा जल संकट से निपटने और भविष्य में पानी की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
3. धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए
किसानों ने अल्पवर्षा और फसल नुकसान की स्थिति का आकलन कर पूरे धार जिले को आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है।
4. फसल नुकसान का सर्वे कर मुआवजा दिया जाए
यूनियन ने सूखे से प्रभावित फसलों का निष्पक्ष और जल्द सर्वे कराने तथा पात्र किसानों को उचित राहत राशि और मुआवजा देने की मांग रखी है।
5. स्थायी सिंचाई और जल प्रबंधन योजना बनाई जाए
किसानों की मांग है कि सरदारपुर क्षेत्र में बार-बार पैदा होने वाले जल संकट के समाधान के लिए दीर्घकालिक सिंचाई और जल प्रबंधन योजना तैयार की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटा जा सके।
नदी तट पर सुरक्षा व्यवस्था, किसानों से बातचीत जारी
जल सत्याग्रह को देखते हुए नदी तट पर सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आपदा राहत दल (DRC) के राजेश यादव और राजू पंवार सहित विशेष टीम मौके पर तैनात है। अधिकारी किसानों से बातचीत कर रहे हैं और स्थिति को संभालने का प्रयास कर रहे हैं।
फिलहाल किसानों की प्रमुख मांगें सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता, फसल नुकसान का मुआवजा और क्षेत्र के लिए स्थायी जल प्रबंधन व्यवस्था से जुड़ी हैं। आंदोलन के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर बनी हुई है।