November 4, 2026

शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में 21 बालक-बालिकाओं के लापता होने के मामले पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। पुलिस की तलाश के बावजूद अब तक इन बच्चों का पता नहीं चल सका है। इनकी दस्तयाबी और अज्ञात आरोपियों के संबंध में उपयोगी जानकारी जुटाने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय अग्रवाल ने प्रत्येक प्रकरण में 5-5 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।

पुलिस अब इन मामलों में आम लोगों से भी सहयोग मांग रही है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी उद्घोषणा के मुताबिक, लापता बच्चों में 15 बालिकाएं और 6 बालक शामिल हैं। इनाम की घोषणा पुलिस रेग्यूलेशन के पैरा क्रमांक 80 बी (1) के तहत की गई है।

ब्यौहारी से सबसे ज्यादा छह बालिकाएं लापता

पुलिस द्वारा जारी सूची के अनुसार, जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से लापता बालक-बालिकाओं की तलाश की जा रही है। थाना क्षेत्रवार विवरण इस प्रकार है:

  • ब्यौहारी: 6 बालिकाएं
  • सोहागपुर: 3 बालिकाएं
  • सिंहपुर: 2 बालिकाएं
  • जैतपुर: 1 बालिका
  • अमलाई: 1 बालिका
  • देवलोंद: 4 बालक-बालिकाएं
  • जयसिंहनगर: 2 बालक
  • गोहपारू: 1 बालक
  • सीधी थाना क्षेत्र: 2 बालक

पुलिस इन सभी मामलों में लापता बच्चों की जानकारी जुटाने और उनकी सुरक्षित दस्तयाबी के प्रयास कर रही है।

सुराग देने वाले को मिलेगा 5 हजार रुपये का इनाम

पुलिस की उद्घोषणा के अनुसार, गुम बालक-बालिकाओं के संबंध में उपयोगी सूचना देने या उनकी दस्तयाबी में मदद करने वाले व्यक्ति को संबंधित प्रकरण में 5 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जा सकता है।

इसके अलावा, अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में मददगार जानकारी देने पर भी निर्धारित शर्तों के तहत इनाम मिल सकेगा। पुरस्कार देने का अंतिम निर्णय पुलिस अधीक्षक द्वारा लिया जाएगा।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को लापता बच्चों के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वह संबंधित थाने या पुलिस को सूचित करे।

21 बच्चों का अब तक पता नहीं, परिजनों की बढ़ी चिंता

जिले में 21 बालक-बालिकाओं का लापता होना गंभीर चिंता का विषय है। खासकर नाबालिगों से जुड़े मामलों में उनकी सुरक्षित बरामदगी बेहद महत्वपूर्ण है। इनाम की घोषणा के जरिए पुलिस ने आमजन का सहयोग लेकर जांच को आगे बढ़ाने की पहल की है।

अब देखना होगा कि इस घोषणा के बाद पुलिस को कोई ठोस सुराग मिलता है या नहीं। फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता लापता बच्चों का पता लगाकर उनकी सुरक्षित दस्तयाबी सुनिश्चित करना है।

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