November 4, 2026

श्योपुर। मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में प्रोजेक्ट चीता के तहत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। भारतीय धरती पर जन्मी 32 माह की मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस नए आगमन के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है, जिनमें 41 भारत में जन्मे चीते शामिल हैं।

वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। कूनो में चीतों की नई पीढ़ी का जन्म देश में चीता पुनर्स्थापना अभियान को आगे बढ़ाने और उनके संरक्षण के प्रयासों के लिए उत्साहजनक संकेत है।

KJP21 बनी भारत में शावकों को जन्म देने वाली तीसरी मादा चीता

KJP21, मुखी और KGP12 के बाद भारत में जन्मी तीसरी मादा चीता है, जिसने भारतीय धरती पर शावकों को जन्म दिया है। यह उपलब्धि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के प्रजनन और उनकी आबादी बढ़ाने के प्रयासों के लिहाज से अहम है।

प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों की निगरानी, स्वास्थ्य देखभाल और वैज्ञानिक प्रबंधन पर लगातार काम किया जा रहा है। पांच नए शावकों का जन्म इन प्रयासों की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।

भारत में बोत्सवाना वंशावली की शुरुआत

इन पांच शावकों का जन्म एक और वजह से खास है। जानकारी के अनुसार, इनका पिता बोत्सवाना से भारत लाया गया नर चीता है। इसके साथ ही देश में बोत्सवाना वंशावली (Botswanan lineage) की शुरुआत हुई है।

चीता आबादी में नई वंशावली का शामिल होना आनुवंशिक विविधता के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। इससे भारत में चीतों की आबादी के विकास और दीर्घकालिक संरक्षण की संभावनाओं को बल मिलने की उम्मीद है।

प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और अहम उपलब्धि

भारतीय धरती पर चीतों की नई पीढ़ी का जन्म प्रोजेक्ट चीता की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की देखभाल, निगरानी और संरक्षण के लिए वन विभाग के अधिकारी, पशु चिकित्सक और मैदानी अमला लगातार काम कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रोजेक्ट चीता से जुड़े पशु चिकित्सकों, वन अधिकारियों, प्रबंधन टीम और सभी सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने संरक्षण कार्यों में लगे कर्मियों के समर्पण और प्रयासों की सराहना की।

पांच नन्हे शावकों के जन्म से कूनो में वन्यजीव संरक्षण की उम्मीदों को नई मजबूती मिली है। अब इन शावकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और समुचित देखभाल पर विशेष ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

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