जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी जमीनों पर कथित अवैध कब्जे के मामले में सख्त रुख अपनाया है। जबलपुर के गोलबाजार स्थित करीब 12,800 वर्गफीट सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के आरोपों को लेकर अदालत ने मामले की सुनवाई में स्पष्ट किया कि अब कोई नई तारीख नहीं दी जाएगी। मामले की अंतिम सुनवाई 19 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे निर्धारित की गई है।

गोलबाजार की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का आरोप
मामला जबलपुर के गोलबाजार क्षेत्र का है, जहां करीब 12,800 वर्गफीट सरकारी जमीन पर क्षेत्रीय पार्षद अयोध्या तिवारी और अन्य लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा किए जाने का आरोप है।
इस मामले को लेकर जबलपुर निवासी जयदीप शाह ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया गया है।
नोटिस के बावजूद पेश नहीं किए गए वैध दस्तावेज
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, संबंधित लोगों को नोटिस दिए जाने के बावजूद जमीन के स्वामित्व या वैध लीज से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके। इसी मुद्दे को लेकर अदालत में सुनवाई जारी है।
सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों और दस्तावेजों की स्थिति को देखते हुए मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई
इस मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच में हुई।
अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में अब नई तारीख नहीं दी जाएगी। केस की अंतिम सुनवाई 19 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे होगी। इस सुनवाई में मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट के रुख के बाद अब सभी की नजर आगामी सुनवाई पर है।