November 6, 2026

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने वाली एक बड़ी परियोजना आकार लेने जा रही है। श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) में एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) प्रस्तावित है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के भूमिपूजन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए अमित शाह ने 29 अक्टूबर को ग्वालियर पहुंचने की सहमति दी है।

इस परियोजना को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, आधुनिक तकनीक और रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके लिए अब तक 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव सामने आने की जानकारी दी गई है। परियोजना से 18 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।

24 से अधिक वैश्विक कंपनियों की भागीदारी की तैयारी

ग्वालियर में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को केवल दूरसंचार उपकरणों के निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। योजना के तहत यहां कंपोनेंट्स निर्माण, डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास (R&D), टेस्टिंग और इनोवेशन से जुड़ा औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।

इस जोन में ऑप्टिकल फाइबर, सेमीकंडक्टर और 5G-6G तकनीक से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य है। परियोजना से जुड़ी जानकारी के अनुसार, भूमिपूजन कार्यक्रम में 24 से अधिक वैश्विक कंपनियों की भागीदारी प्रस्तावित है। इससे क्षेत्र में तकनीकी निवेश और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन: प्रमुख आंकड़े

  • 5,500 करोड़ रुपये से अधिक: निवेश प्रस्ताव
  • 18,000 से अधिक: संभावित रोजगार के अवसर
  • 24 से अधिक: वैश्विक कंपनियों की भागीदारी
  • 170 एकड़: परियोजना के लिए भूमि
  • 493 करोड़ रुपये: पहले चरण के बुनियादी ढांचे के लिए केंद्र की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता

दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में निवेशकों से संपर्क

परियोजना के लिए निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में निवेशकों तथा उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकें और रोड शो आयोजित किए गए।

दिल्ली में हुई बैठकों के दौरान करीब 3,500 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आने की जानकारी दी गई। इससे लगभग 14 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई। वहीं, मुंबई रोड शो में करीब 2,000 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 4 हजार रोजगार के अवसरों से जुड़ी प्रतिबद्धताएं सामने आईं।

बेंगलुरु में हुई निवेशक बैठक में टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और तकनीक क्षेत्र की कंपनियों ने रुचि दिखाई। यहां से करीब 700 से 800 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश प्रस्ताव सामने आने की बात कही गई है।

इन प्रयासों के बाद परियोजना के लिए कुल निवेश प्रस्ताव 5,500 करोड़ रुपये से अधिक बताए जा रहे हैं। हालांकि, निवेश प्रस्तावों और अंतिम रूप से किए गए निवेश में अंतर होता है। परियोजना के आगे बढ़ने के साथ वास्तविक निवेश और रोजगार की स्थिति स्पष्ट होगी।

केंद्र की 493 करोड़ रुपये की सहायता, राज्य सरकार ने दी 170 एकड़ जमीन

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के पहले चरण में बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 493 करोड़ रुपये की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।

वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने परियोजना के लिए करीब 170 एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई है। परियोजना के संचालन और विकास के लिए गठित विशेष प्रयोजन इकाई (SPV) में मध्य प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी निर्धारित की गई है।

केंद्र और राज्य सरकार की भागीदारी से परियोजना के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना है।

प्लग-एंड-प्ले मॉडल से कंपनियों को मिलेगी सुविधा

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर विकसित करने की योजना है। इस मॉडल में कंपनियों को तैयार बुनियादी ढांचा और साझा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे उन्हें विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने में कम समय लग सकता है।

इस जोन में टेलीकॉम उपकरणों और उनसे जुड़े पुर्जों के निर्माण के साथ तकनीकी अनुसंधान, परीक्षण और नवाचार को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य है। इससे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो सकता है और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया कर रहे परियोजना की समीक्षा

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया परियोजना की प्रगति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने SADA क्षेत्र में प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ परियोजना की स्थिति, निवेशकों की जरूरतों तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की थी।

अब 29 अक्टूबर को प्रस्तावित भूमिपूजन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भागीदारी के साथ परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

ग्वालियर में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को दूरसंचार विनिर्माण, आधुनिक तकनीक, निवेश और रोजगार से जुड़े नए औद्योगिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निवेश प्रस्ताव कितनी तेजी से धरातल पर उतरते हैं और उद्योगों के संचालन के साथ कितने रोजगार सृजित होते हैं।

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