भोपाल। मध्य प्रदेश में शराब दुकानों के आवंटन से जुड़े कथित रिश्वत मामले में आबकारी अधिकारी दीपम रायचुरा को निलंबित कर दिया गया है। वाणिज्य कर विभाग ने यह कार्रवाई उनके खिलाफ लगे उन आरोपों के बीच की है, जिनमें शराब दुकान दिलवाने के एवज में एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने की बात कही गई थी। मामले में आरोपों की निष्पक्ष जांच का विषय अहम बना हुआ है।

ओएसडी पद से हटाए जाने के बाद निलंबन
विवाद सामने आने के बाद दीपम रायचुरा को मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) पद से भी हटा दिया गया था। अब वाणिज्य कर विभाग ने उन्हें निलंबित करने की कार्रवाई की है।
शराब दुकानों के आवंटन से जुड़ी कथित अनियमितताओं और रिश्वत के आरोप सामने आने के बाद यह मामला प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
उपमुख्यमंत्री ने दी थी पदस्थापना को लेकर सफाई
इस मामले पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि जिस अवधि से संबंधित आरोप सामने आए हैं, उस समय दीपम रायचुरा भोपाल में सहायक आबकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। उनके अनुसार, उस अवधि में रायचुरा उपमुख्यमंत्री के ओएसडी नहीं थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई थी। अब विभागीय निलंबन की कार्रवाई हुई है। हालांकि, निलंबन अपने आप में आरोपों को साबित नहीं करता; मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।