भोपाल/दिल्ली: मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों को दिल्ली बुलाया गया है। पार्टी के नेता 12 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित देशव्यापी प्रदर्शन में शामिल होंगे। कांग्रेस मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जताने की तैयारी कर रही है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के इस आंदोलन पर सवाल उठाते हुए पलटवार किया है।

कांग्रेस का ऐलान: CEC के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने प्रदर्शन को लेकर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि 12 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन में देशभर से कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
पीसी शर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस के पास कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची से नाम काटे जाने से जुड़े आंकड़े हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी।
शर्मा के मुताबिक, मतदाता सूची से नाम कटने से प्रभावित आम मतदाता भी विरोध में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांवों और कस्बों तक पहुंचाया जाएगा।
BJP का आरोप: राहुल गांधी नेताओं को दे रहे ‘अराजकता की ट्रेनिंग’
कांग्रेस नेताओं को दिल्ली बुलाए जाने पर BJP प्रवक्ता सत्येंद्र जैन ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
जैन ने दिल्ली में हुए पिछले विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं पर पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को दिल्ली बुलाने का उद्देश्य उन्हें ‘अराजकता की ट्रेनिंग’ देना है।
BJP प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि उपचुनावों में हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व दबाव में है। उन्होंने राहुल गांधी पर पार्टी नेताओं की गतिविधियों को लेकर कटाक्ष किया।
वोट चोरी के आरोपों पर आमने-सामने कांग्रेस और BJP
मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों तथा BJP के पलटवार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने CEC के इस्तीफे की मांग को अपने आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है, जबकि BJP ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस के आरोपों और BJP की प्रतिक्रिया के बीच चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों के आधिकारिक जवाब महत्वपूर्ण होंगे।