November 7, 2026

यह खबर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली तिहार के दिल्ली में आयोजन से जुड़ी है। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ विधि-विधान और आत्मीयता से हरेली मनाई।

🌿 दिल्ली में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

तोखन साहू ने पूजा-अर्चना कर किसानों की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और छत्तीसगढ़ की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि हरेली केवल धार्मिक या सांस्कृतिक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी, किसान, प्रकृति और लोकपरंपराओं से जुड़ा उत्सव है।

🪵 गेड़ी चढ़कर ताजा की बचपन की यादें

हरेली के आयोजन में पारंपरिक गेड़ी भी आकर्षण का केंद्र रही। तोखन साहू ने स्वयं गेड़ी चढ़कर बचपन की यादें ताजा कीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहते हुए भी इस आयोजन ने उन्हें छत्तीसगढ़ के गांवों, खेत-खलिहानों और अपनी जड़ों से जोड़ दिया।

👥 सांसदों ने साझा की पर्व की खुशियां

आयोजन में बृजमोहन अग्रवाल, रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े, भोजराज नाग, देवेंद्र बहादुर सिंह, लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम सहित छत्तीसगढ़ के सांसद मौजूद रहे। सभी ने मिलकर हरेली की परंपराओं को याद किया।

🌾 किसान और कृषि से गहरा संबंध

हरेली सावन अमावस्या के अवसर पर मनाया जाने वाला छत्तीसगढ़ का प्रमुख लोकपर्व है। इस दिन किसान हल, नांगर, कुदाली, फावड़ा और अन्य कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं। पशुधन की देखभाल और पूजा की भी परंपरा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी, झूले और पारंपरिक खेल पर्व की रौनक बढ़ाते हैं। वहीं गुड़ का चीला और गुलगुल भजिया जैसे पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं।

🌱 संस्कृति और नई पीढ़ी से जुड़ाव

हरेली कृषि, प्रकृति, पशुधन और लोकजीवन को एक साथ जोड़ने वाला पर्व है। आधुनिक जीवनशैली के बावजूद इसकी परंपराएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए हुए हैं और नई पीढ़ी को अपनी मिट्टी और जड़ों से जोड़ने का काम करती हैं।

तोखन साहू ने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि छत्तीसगढ़ की धरती हरी-भरी रहे, किसान समृद्ध हों और प्रदेश विकास व खुशहाली की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *