नगर पालिका में एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। अपनी मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। जगह-जगह कचरे के ढेर जमा होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

झाड़ू लेकर निकाली रैली, अधिकारियों के खिलाफ की नारेबाजी
हड़ताल के दौरान सफाई कर्मचारियों ने सुबह शहर में हाथों में झाड़ू लेकर रैली निकाली और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने नगर पालिका के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें पूरी करने की अपील की।
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। हड़ताल के चलते शहर में नियमित सफाई नहीं हो पा रही है और जगह-जगह कचरा जमा होने लगा है।
तीन दिन से हड़ताल, CMO समेत किसी अधिकारी ने नहीं की मुलाकात
सफाई कर्मचारियों के मुताबिक, उनकी हड़ताल को तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) सहित किसी भी अधिकारी ने उनसे मुलाकात नहीं की है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
नियमितीकरण और पद के अनुसार वेतन की मांग
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि उन्हें नियमित किया जाए। इसके अलावा, कर्मचारियों का कहना है कि जिस पद पर वे काम कर रहे हैं, उसी के अनुरूप उन्हें वेतन दिया जाना चाहिए।
कर्मचारियों ने बताया कि मौजूदा वेतन में बढ़ती महंगाई के बीच घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान होने के बाद ही वे काम पर लौटेंगे।
शहरवासियों की बढ़ी परेशानी
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर पड़ रहा है। जगह-जगह कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी हो रही है। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और सफाई व्यवस्था कब तक सामान्य हो पाती है।