मध्य प्रदेश के कटनी जिले की फरार सीएसपी नेहा पच्चीसिया के मामले में कानूनी कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। अब इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक नई याचिका दायर की गई है। मामले में अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को प्रस्तावित है।

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में होगी सुनवाई
नेहा पच्चीसिया की ओर से दायर अग्रिम जमानत और FIR निरस्त करने की याचिकाएं पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित हैं। अब CBI जांच की मांग वाली नई याचिका पर भी सुनवाई होगी।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच में किए जाने की जानकारी सामने आई है। अदालत में होने वाली सुनवाई के बाद मामले की आगे की कानूनी दिशा स्पष्ट हो सकती है।
क्या है नेहा पच्चीसिया पर लगे आरोपों का मामला?
कटनी जिले के कुठला थाने में सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत कुल चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है। शिकायत और मामले से जुड़े आरोपों के मुताबिक, एक हत्या के मामले में आरोपी को राहत दिलाने के एवज में करोड़ों रुपये की कीमत वाली जमीन महज 18 लाख रुपये में परिचितों के नाम कराने का आरोप है।
इसके अलावा, एक ट्रांसपोर्टर से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप भी सामने आया है। मामले में पद के कथित दुरुपयोग और आपराधिक साजिश के आरोप शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
फरार CSP की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
FIR दर्ज होने के बाद से नेहा पच्चीसिया के फरार होने की बात कही जा रही है। विभागीय स्तर पर उनका कार्यालय सील कर उन्हें डीआईजी कार्यालय से अटैच किया गया था।
वहीं, कटनी जिला अदालत में भी उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। बताया जा रहा है कि अदालत में उन्हें फरार घोषित करने और उनकी संपत्ति कुर्क करने की मांग की गई है।
अब 12 अक्टूबर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई अहम मानी जा रही है। CBI जांच की मांग वाली याचिका पर अदालत क्या रुख अपनाती है, इस पर मामले से जुड़े लोगों की नजरें रहेंगी।