September 13, 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजनीतिक दलों के संगठनात्मक प्रभारियों की नियुक्ति को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भाजपा संगठन और प्रभारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार किया है। सीएम साय ने कांग्रेस को पहले अपने भीतर झांकने की नसीहत देते हुए भूपेश बघेल के पंजाब प्रभारी रहते हुए हुए विरोध का जिक्र किया।

CM साय बोले- कांग्रेस पहले अपने भीतर झांके

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस को भाजपा के संगठनात्मक मामलों पर टिप्पणी करने से पहले अपनी स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में प्रभारियों की नियुक्ति किस तरह हुई है, यह सभी जानते हैं।

सीएम साय ने दावा किया कि जब भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी बनाया गया था, तब वहां उनके विरोध में ‘गो बैक भूपेश’ के पोस्टर लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि पंजाब में विरोध का सामना करने के बाद भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने इसी मुद्दे को आधार बनाते हुए भूपेश बघेल के भाजपा संगठन को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस के संगठनात्मक फैसलों पर सवाल उठाए।

भूपेश बघेल ने BJP संगठन पर क्या कहा था?

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा के संगठनात्मक ढांचे और प्रभारियों की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने भाजपा में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा था कि पार्टी में कोई किसी की बात नहीं सुन रहा है।

बघेल ने भाजपा को अपनी स्थिति देखने की सलाह देते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का भी बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे किसी के सामने नहीं झुकते और कांग्रेस का हाईकमान किसी के सामने झुकने वाला नहीं है।

भाजपा में प्रभारी नियुक्ति को लेकर बघेल का तंज

भूपेश बघेल ने भाजपा के संगठनात्मक ढांचे पर सवाल उठाते हुए कहा था कि नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने में दो साल लग गए और कार्यकारिणी के गठन में भी कई महीने लगे।

उन्होंने छत्तीसगढ़ में भाजपा के प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति को लेकर भी तंज कसा था। बघेल ने कहा था कि भाजपा कांग्रेस की चिंता कर रही है, जबकि खुद भाजपा में छत्तीसगढ़ के लिए प्रभारी नियुक्त नहीं हो पा रहा है।

बघेल ने भाजपा में कथित गुटबाजी का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि पार्टी को कांग्रेस की चिंता करने के बजाय पहले अपनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

प्रभारी नियुक्ति को लेकर बढ़ी सियासी बयानबाजी

भूपेश बघेल के इन बयानों के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पलटवार सामने आया है। सीएम साय ने पंजाब में भूपेश बघेल के कथित विरोध का हवाला देकर कांग्रेस के संगठनात्मक फैसलों पर सवाल उठाया।

प्रभारियों की नियुक्ति को लेकर शुरू हुई यह राजनीतिक बयानबाजी अब भाजपा और कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे, नेतृत्व और अंदरूनी स्थिति तक पहुंच गई है। दोनों दलों के नेताओं के बीच आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी वार-पलटवार और तेज होने के संकेत हैं।

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