November 5, 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 3 अक्टूबर को भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में गौपालक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में 35 हजार से अधिक गोपालकों के शामिल होने की संभावना है।

उत्कृष्ट कार्य करने वाली गौपालक दीदियां होंगी सम्मानित

सम्मेलन के दौरान अमित शाह पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली गौपालक दीदियों को सम्मानित करेंगे। इसके साथ ही वे डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी वितरित करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित करना और प्रदेश में सहकारी डेयरी व्यवस्था को मजबूत करना है।

उज्जैन में अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमि-पूजन

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह उज्जैन में स्थापित होने वाले अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे। इस प्लांट की प्रसंस्करण क्षमता 3 लाख लीटर बताई गई है। इससे प्रदेश में दूध के प्रसंस्करण और डेयरी क्षेत्र की क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।

इसके अलावा भोपाल में तैयार 40 हजार लीटर उत्पादन क्षमता वाले फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का शुभारंभ भी किया जाएगा। मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन, भोपाल के परिसर में बनाई गई सहकारी क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक राज्यस्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला और शिवपुरी के मिनी डेयरी संयंत्र का भी उद्घाटन किया जाएगा।

दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा बोनस

गौपालक सम्मेलन में अमित शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को बोनस राशि वितरित करेंगे। इस पहल का उद्देश्य दूध उत्पादकों को प्रोत्साहन देना और सहकारी डेयरी नेटवर्क से उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।

गौशालाओं को जुलाई-अगस्त की अनुदान राशि का ऑनलाइन भुगतान

सम्मेलन के दौरान मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत और संचालित गौशालाओं को गोवंश के रखरखाव एवं भरण-पोषण के लिए जुलाई और अगस्त 2026 की अनुदान राशि भी ऑनलाइन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से वितरित की जाएगी।

यह राशि गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के उचित व्यवस्थापन, आहार और देखभाल पर खर्च की जाती है। सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य गौशालाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और गोवंश के बेहतर रखरखाव को सुनिश्चित करना है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *