महासमुंद में स्वच्छता दीदियों का प्रदर्शन, मिशन क्लीन सिटी प्रभारी पर अभद्र व्यवहार और धमकी के आरोप
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद नगरपालिका में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का काम करने वाली स्वच्छता दीदियों ने मिशन क्लीन सिटी प्रभारी नवशाद बक्श पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का आरोप है कि प्रभारी उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, छुट्टी मांगने पर दुर्व्यवहार किया जाता है और अतिरिक्त काम नहीं करने पर काम से निकालने की धमकी दी जाती है।
अपनी शिकायत लेकर बड़ी संख्या में स्वच्छता दीदियां कलेक्टोरेट पहुंचीं और कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने मिशन क्लीन सिटी प्रभारी नवशाद बक्श को हटाने की मांग की है।

8 घंटे की जगह 10 से 12 घंटे काम कराने का आरोप
स्वच्छता दीदियों का आरोप है कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के निर्धारित कार्य के अलावा उनसे अतिरिक्त काम भी कराया जाता है। महिलाओं के मुताबिक, निर्धारित आठ घंटे के बजाय उनसे 10 से 12 घंटे तक काम लिया जाता है। अतिरिक्त काम करने से इनकार करने पर एक दिन का वेतन काटने की बात कहे जाने का भी आरोप लगाया गया है।
महिलाओं का कहना है कि व्यक्तिगत या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से छुट्टी मांगने पर उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया जाता है और उन्हें अपमानित किया जाता है। काम के दौरान किसी समस्या की जानकारी देने पर समाधान करने के बजाय मनमाने तरीके से व्यवहार करने और नौकरी से निकालने की धमकी देने का भी आरोप है।

प्रभारी को हटाने तक काम नहीं करने की चेतावनी
स्वच्छता दीदियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक मिशन क्लीन सिटी प्रभारी को उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगी। महिलाओं ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
नगरपालिका CMO ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, नगरपालिका के सीएमओ ने स्वच्छता दीदियों के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि महिलाओं की मांगों को लेकर पहले ही बातचीत की जा चुकी है और नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही गई है।
मणिकंचन केंद्र में लगाए गए कैमरों को लेकर भी स्वच्छता दीदियों की ओर से सवाल उठाए गए थे। इस पर सीएमओ ने सफाई देते हुए कहा कि कैमरे स्वच्छता दीदियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाए गए हैं। उन्होंने कैमरे से संबंधित लगाए गए आरोपों को गलत बताया।
फिलहाल स्वच्छता दीदियों ने प्रभारी को हटाने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंप दिया है। महिलाओं ने मांग पूरी होने तक काम नहीं करने की बात कही है। अब इस मामले में नगरपालिका प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।