September 15, 2026

रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में शनिवार को तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर विशेष आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आतिथ्य में हुए इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा, संस्कृति और पारिवारिक रिश्तों की खूबसूरत झलक देखने को मिली। आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया।

तीजा-पोरा में दिखी लोक परंपरा की रंगीन छटा

तीजा महिलाओं के लिए मायके, परिवार और रिश्तों की भावनाओं से जुड़ा प्रमुख पर्व है, वहीं पोरा तिहार खेती-किसानी और पशुधन के प्रति आस्था और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर मिट्टी से बने नंदी-बैल और पारंपरिक खिलौनों की पूजा की जाती है।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में लोकगीत, पारंपरिक नृत्य, झूले और छत्तीसगढ़ी पकवानों ने उत्सव का रंग और गहरा कर दिया। पारंपरिक परिधानों में पहुंचीं महिलाओं ने तीजा-पोरा की खुशियां साझा कीं।

कार्यक्रम में मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, रायपुर महापौर मीनल चौबे, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पत्नी वीणा सिंह और उनकी बहू सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।

पोषण जागरूकता के लिए 5 गाड़ियों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पोषण माह के तहत पोषण जागरूकता के लिए तैयार की गई पांच गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

बताया गया कि ये गाड़ियां 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले पोषण माह के दौरान प्रदेशभर में लोगों को संतुलित आहार और बेहतर पोषण के प्रति जागरूक करेंगी।

इस पहल के जरिए लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित भोजन और पोषण के महत्व की जानकारी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बच्चियों का कराया अन्नप्राशन संस्कार

आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छोटी बच्चियों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। पारंपरिक माहौल में हुए इस संस्कार ने कार्यक्रम की खुशियों को और खास बना दिया।

तीजा-पोरा तिहार के इस आयोजन में एक ओर जहां छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली, वहीं पोषण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों के जरिए स्वस्थ परिवार और बेहतर पोषण का संदेश भी दिया गया।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *