November 5, 2026

रायपुर। राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े मामलों की वापसी को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रक्रिया तेज करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में मंत्रालय में प्रकरण वापसी समिति की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 16 प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की गई।

इनमें 8 लंबित प्रकरण भी शामिल थे। विस्तृत समीक्षा के बाद समिति ने 9 प्रकरणों में वापसी की अनुशंसा करने का निर्णय लिया। वहीं, दो मामलों को पुनर्विचार के लिए संबंधित जिलों को वापस भेजा गया।

9 मामलों में वापसी की अनुशंसा

बैठक में राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 16 प्रकरणों पर प्रकरणवार चर्चा की गई। समिति ने उपलब्ध रिकॉर्ड और वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद 9 मामलों में प्रकरण वापसी की अनुशंसा की।

वहीं, 2 प्रकरणों को पुनर्विचार के लिए संबंधित जिलों को भेजा गया, ताकि मामलों से जुड़ी जानकारी और तथ्यों की दोबारा समीक्षा की जा सके।

शेष मामलों को समिति ने राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित नहीं पाया। विचार-विमर्श के बाद इन प्रकरणों को अस्वीकृत कर दिया गया।

लंबित मामलों की स्थिति की भी ली जानकारी

बैठक के दौरान समिति ने अधिकारियों से पूर्व में अनुशंसित और लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों से यह भी पूछा गया कि संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई किस स्तर पर है।

समिति ने निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए और जहां मामले न्यायालय में लंबित हैं, वहां आवश्यक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।

प्रकरणवार समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राजनीतिक प्रकरणों की वापसी से जुड़े मामलों की प्रकरणवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों के साथ प्रत्येक मामले में आवश्यक प्रक्रिया और नियमानुसार आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा की।

बैठक में लंबित मामलों को अनावश्यक रूप से लंबा न खींचने और नियमानुसार कार्रवाई पूरी करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में ये अधिकारी और मंत्री रहे मौजूद

बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित गृह एवं विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में प्रमुख सचिव गृह निहारिका बारिक, प्रमुख सचिव विधि मनीष ठाकुर, गृह सचिव नेहा चंपावत और डीजीपी अरुण देव गौतम समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए।

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