रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपने विचारों का दायरा बढ़ाने और व्यक्तिगत सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर युवा के भीतर कुछ नया करने, बेहतर बनाने और अपनी पहचान स्थापित करने की ललक होनी चाहिए। जब युवाओं के व्यक्तिगत प्रयास सामूहिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ेंगे, तभी देश की प्रगति का रास्ता और मजबूत होगा।

राष्ट्रपति मुर्मु राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे।
नुआखाई हमारी कृषि परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव
राष्ट्रपति ने प्रदेशवासियों को नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नुआखाई मिलन केवल सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। ऐसे आयोजन हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि नुआखाई हमारी कृषि परंपरा को सहेजने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने वाला पर्व है। अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी का सामूहिक दायित्व है।
ज्ञान के साथ विनम्रता और सफलता के साथ सेवा-भाव जरूरी
राष्ट्रपति मुर्मु ने युवाओं को जीवनभर सीखते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवा पुस्तकें पढ़ें, सवाल पूछें, नई चीजों को समझें और अपने ज्ञान एवं कौशल को लगातार विकसित करें। जीवन में लक्ष्य तय करें और चुनौतियों का साहस के साथ सामना करें।
उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर खुद में सुधार करना चाहिए। युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव जोड़ना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह किसी जरूरतमंद के काम आए, प्रतिभा किसी समस्या का समाधान करे और सफलता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बने। राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। प्रत्येक युवा को अपना काम ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए।
विकसित भारत के लिए महिलाओं की समान भागीदारी जरूरी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति पर प्रसन्नता जताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। देश की आधी आबादी को आगे बढ़ाए बिना राष्ट्र अपनी पूरी क्षमता से प्रगति नहीं कर सकता।
उन्होंने महिलाओं से समाज और राष्ट्र के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। साथ ही पुरुषों, विशेषकर युवाओं से कहा कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण और अवसर दें, जहां वे बिना किसी बाधा के अपने सपने पूरे कर सकें। महिलाओं के प्रति सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि सोच, व्यवहार और दैनिक आचरण में भी दिखाई देना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के अंधेरे से विकास की ओर बढ़ रहे युवा
राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से मुक्त होकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इससे युवाओं और उनके परिवारों के कल्याण के साथ छत्तीसगढ़ और पूरे देश के विकास को भी गति मिल रही है।
नुआखाई सामाजिक एकता और सेवा भावना का पर्व: राज्यपाल डेका
राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेशवासियों को नुआखाई जुहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नई फसल के आगमन की खुशी के साथ धरती माता के प्रति कृतज्ञता और किसानों के परिश्रम के सम्मान का अवसर है। यह हमारी कृषि संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की परंपरा को मजबूत करता है।
उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति को प्रदेश के लिए सौभाग्य और प्रेरणा का अवसर बताया। राज्यपाल ने युवाओं से सेवा को अपने जीवन का स्वभाव बनाने और नशे एवं भटकाव से दूर रहकर ज्ञान, कौशल तथा नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
राज्यपाल ने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित, संस्कारित और सेवाभावी युवा ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने रक्तदाताओं, विशेषकर महिला रक्तदाताओं की सराहना करते हुए रक्तदान को मानवता की महान सेवा बताया।
राष्ट्रपति का जीवन बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का छत्तीसगढ़ से गहरा आत्मीय संबंध है और प्रदेशवासियों के मन में उनके प्रति विशेष आदर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा के एक छोटे से गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की राष्ट्रपति की जीवन यात्रा संघर्ष, सादगी, सेवा, शिक्षा और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल है। यह यात्रा देश की बेटियों, युवाओं तथा जनजातीय और ग्रामीण अंचलों के लोगों के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने कहा कि नुआखाई छत्तीसगढ़ और ओडिशा की साझा सांस्कृतिक विरासत तथा सदियों पुराने सामाजिक संबंधों को भी मजबूत करता है। ओड़िया समाज ने अपनी मेहनत, सादगी और सेवाभाव से छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसर बढ़ा रही सरकार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की निर्णायक भूमिका होगी। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाकर युवा शक्ति को विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का केंद्र बना रही है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेन्द्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जा रही है, जहां प्रतिवर्ष करीब चार हजार युवाओं को आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। नई औद्योगिक नीति के जरिए रोजगार और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति के तहत युवाओं के नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है।
उन्होंने फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थानों की स्थापना की दिशा में की जा रही पहल का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान
मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित रक्तदान महाकुंभ में शामिल रक्तदाताओं का अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान में 2,548 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया, जिनमें 1,188 महिलाएं शामिल थीं।
मुख्यमंत्री ने इसे छत्तीसगढ़ की सेवा भावना, सामाजिक सहभागिता और नारी शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की महान सेवा है और ऐसे प्रयास समाज में सहयोग एवं संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं।